इंदौर: पद के दुरुपयोग पर लोकायुक्त की कार्रवाई, सरपंच-सचिव समेत तीन के खिलाफ FIR दर्ज
ग्राम पंचायत बांक (इंदौर) में सचिव और सरपंच पर बिना टेंडर, बिना ग्राम सभा की अनुमति के सचिव के बेटे की गाड़ी को किराए पर लगाकर सरकारी खजाने से भुगतान कराने का आरोप। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और BNS की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने पद के दुरुपयोग की शिकायत पर ग्राम पंचायत बांक के तत्कालीन सचिव और तत्कालीन सरपंच सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में हुई।
किन पर दर्ज हुआ मामला
FIR (दिनांक 18 अगस्त 2026) में नामजद आरोपी:
प्रहलाद नील — तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत बांक, इंदौर
लक्ष्मीबाई पति राधेश्याम चौहान — तत्कालीन सरपंच, ग्राम पंचायत बांक, इंदौर
धीरज नील पिता प्रहलाद नील — निवासी इंदौर
शिकायत में क्या आरोप है
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (इंदौर जोन) राजेश सहाय को मिली शिकायत के मुताबिक, सचिव प्रहलाद नील ने अपने बेटे धीरज नील के वाहन (MP10 G 1435) को नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम पंचायत बांक में अटैच किया। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने खुद ही अपने हस्ताक्षर से भुगतान का ठहराव प्रस्ताव तैयार कर वाहन को सफाई कार्य के लिए लगाया और शासकीय कोष से किराया भुगतान करवाया।
जांच में क्या सामने आया
उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान की जांच में पाया गया कि वाहन को बिना टेंडर, बिना किसी प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया और बिना ग्राम सभा की अनुमति के किराए पर लगाया गया, और भुगतान भी कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत पंचायत निधि के उपयोग में जो पारदर्शिता अपेक्षित है, उसका पालन नहीं किया गया और सचिव-सरपंच ने मिलकर धीरज नील को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया।
लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि वित्तीय नियमों का बुनियादी सिद्धांत यही है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उस निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकता जिसमें उसका निजी या पारिवारिक हित जुड़ा हो — इस मामले में इसी सिद्धांत का उल्लंघन बताया गया है।
किन धाराओं में केस दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(ए) और 13(2), तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार अग्रिम विवेचना जारी है।
नोट: मामला अभी विवेचनाधीन है। आरोप प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं और आरोपियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। दोष अदालत में सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं।
शिकायत के लिए संपर्क
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत की सूचना कार्यालय या दूरभाष नंबर पर दी जा सकती है — कार्यालय: पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर संभाग, मोती बंगला, एमजी रोड, इंदौर-452007। दूरभाष: 0731-2533160 / 0731-2430100।


