
40 करोड़ की 'स्मार्ट' सड़क की खुली पोल: नर्मदा लाइन टेस्टिंग के दौरान धंसी रोड, नगर निगम ने लगाए बैरिकेड
इंदौर के गोरकुंड चौराहे पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क सोमवार को अचानक धंस गई. सड़क के नीचे बिछाई गई नर्मदा पेयजल लाइन की टेस्टिंग के दौरान हुए लीकेज और पानी के तेज बहाव से मिट्टी कट गई. महज सालभर पहले बनी सड़क के धंसने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

Audio tools for this article
इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र से सटे गोरकुंड चौराहे पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महज एक साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी चमचमाती सड़क अचानक धंस गई. सड़क धंसने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. आसपास के रहवासी और राहगीर अचानक हुए इस घटनाक्रम को देखकर दंग रह गए.
पेयजल लाइन की टेस्टिंग में लीकेज, पानी के दबाव से कटी मिट्टी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर नगर निगम द्वारा क्षेत्र में 24 घंटे निर्बाध जलप्रदाय सुनिश्चित करने के लिए सड़क के नीचे नर्मदा पेयजल लाइन का नया नेटवर्क बिछाया गया था. सोमवार को इसी पेयजल लाइन की टेस्टिंग की जा रही थी.
लीकेज और मिट्टी का कटाव: टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन में अचानक लीकेज हो गया और पानी तेज बहाव व भारी दबाव के साथ जमीन के भीतर रिसाव करने लगा.
सड़क धंसी: पानी के अत्यधिक दबाव के कारण सड़क के नीचे बिछी मिट्टी बह गई और देखते ही देखते ऊपर का रोड नेटवर्क धंस गया.
40 करोड़ के प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
गौरतलब है कि करीब पांच साल पहले राजवाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों जैसे सराफा, खजूरी बाजार और बियाबानी को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था. इसके तहत करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण करने से पहले नए सिरे से सीवरेज, ड्रेनेज और नर्मदा पेयजल की लाइनें बिछाई गई थीं.
महज सालभर पहले तैयार हुई सड़क के लीकेज का हल्का दबाव भी न झेल पाने के कारण स्मार्ट सिटी और नगर निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान की गई लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है.
नगर निगम ने बैरिकेडिंग कर शुरू किया मरम्मत कार्य
हादसे के तुरंत बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से धंसी हुई सड़क के चारों ओर बैरिकेड्स लगा दिए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके. फिलहाल निगम की तकनीकी टीम लीकेज को दुरुस्त करने और सड़क की मरम्मत के काम में जुट गई है.

