18 महीने बाद जीतू यादव की एमआईसी में वापसी, अमेरिका रवाना होने से पहले महापौर ने जारी किया आदेश
वार्ड 24 के भाजपा पार्षद जीतू यादव को महापौर परिषद में फिर शामिल कर लिया गया है। नाबालिग से मारपीट के मामले में नाम आने के बाद उन्हें पार्टी और एमआईसी से बाहर किया गया था, लेकिन पुलिस के पूरक चालान में संलिप्तता के स्पष्ट सबूत नहीं मिलने के बाद उनकी राजनीतिक वापसी हुई।

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इंदौर की राजनीति में करीब 18 महीने बाद एक बड़ा बदलाव हुआ है। वार्ड क्रमांक 24 के भाजपा पार्षद जीतू यादव की एक बार फिर महापौर परिषद यानी एमआईसी में वापसी हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को अमेरिका रवाना होने से पहले उनकी वापसी से जुड़ा पत्र जारी किया।
पत्र सामने आते ही नगर निगम से लेकर भाजपा संगठन तक इस फैसले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। यादव को दोबारा एमआईसी में जगह मिलने की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी, लेकिन पार्टी के भीतर इसे लेकर मतभेद भी सामने आए थे।
विवाद के बाद छिनी थी एमआईसी
जीतू यादव का नाम जनवरी 2025 में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर हुए विवाद के बाद सामने आया था। आरोप था कि कुछ लोग घर में घुसे और कालरा के नाबालिग बेटे के साथ मारपीट और अभद्रता की गई।
इस घटनाक्रम में यादव का नाम आने के बाद भाजपा संगठन ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। साथ ही महापौर परिषद की जिम्मेदारी भी उनसे वापस ले ली गई थी।
इसके बाद यादव करीब 18 महीने तक पार्टी से बाहर रहे।
पुलिस के पूरक चालान से बदला घटनाक्रम
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने कोर्ट में पूरक चालान पेश किया। इसमें जीतू यादव की घटना में संलिप्तता के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, यादव के खिलाफ अपराध बनाए जाने के पर्याप्त आधार नहीं मिले। इसके बाद उनके लिए पार्टी में वापसी का रास्ता खुला।
भाजपा संगठन ने भी उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया। पार्टी में लौटने के बाद उनकी एमआईसी में वापसी को लेकर इंतजार किया जा रहा था।
भोपाल में नेताओं ने रखा था पक्ष
यादव की वापसी को लेकर भाजपा के भीतर सभी सुर एक जैसे नहीं थे। कुछ नेताओं और विधायकों ने इस मामले को लेकर अपनी आपत्तियां संगठन के सामने रखी थीं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ नेता और विधायक भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मिले थे। उन्होंने जीतू यादव के खिलाफ हुई शिकायत और पूरे घटनाक्रम से जुड़ा अपना पक्ष संगठन के सामने रखा।
मामले की स्थिति स्पष्ट होने और पुलिस जांच में यादव को मिली राहत के बाद संगठन ने उनकी राजनीतिक वापसी का रास्ता साफ कर दिया।
अब फिर महापौर परिषद का हिस्सा
पार्टी में दोबारा शामिल होने के बाद अब जीतू यादव को महापौर परिषद में भी जगह मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की ओर से जारी पत्र के साथ उनकी एमआईसी में वापसी औपचारिक हो गई।
यानी जिस विवाद के बाद यादव को पार्टी और एमआईसी दोनों से बाहर होना पड़ा था, करीब 18 महीने बाद उसी मामले में पुलिस की जांच से मिली राहत के बाद उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी भी वापस मिल गई है।