पहले लिया शपथ पत्र, फिर टीम को लौटते ही करा दी नाबालिग की शादी, कलेक्टर जनसुनवाई के बाद 9 पर FIR
सांवेर इलाके में 17 साल 5 महीने की किशोरी का विवाह रोकने के लिए प्रशासन ने पहले परिजनों से शपथ पत्र लिया था। इसके बावजूद टीम के लौटते ही उसी शाम शादी करा दी गई, जिसका खुलासा दो महीने बाद शिकायत के जरिए हुआ।

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इंदौर के सांवेर क्षेत्र में बाल विवाह रोकने पहुंची सरकारी टीम के सामने परिजनों ने भरोसा दिलाया कि लड़की के 18 साल पूरे होने से पहले शादी नहीं करेंगे। टीम ने परिवार को समझाया और शपथ पत्र भी लिया। लेकिन अधिकारियों के वहां से लौटते ही परिवार ने कथित तौर पर अपना फैसला बदल दिया।
24 जून को गोम्मटगिरी स्थित ड्रीम वर्ल्ड रिसोर्ट में दोनों पक्ष पहुंचे और उसी शाम 17 साल 5 महीने की किशोरी का विवाह करा दिया गया। अब इस मामले में दूल्हों, माता-पिता और रिश्तेदारों समेत 9 लोगों के खिलाफ गांधी नगर थाने में नामजद FIR दर्ज की गई है।
पहले समझाइश, फिर शादी का आयोजन
मामला तब शुरू हुआ था, जब नाबालिग के विवाह की शिकायत प्रशासन तक पहुंची। सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्डलाइन की टीम ने परिवार से संपर्क किया।
परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधान समझाए गए। टीम की समझाइश के बाद परिवार की ओर से शपथ पत्र दिया गया कि लड़की के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही उसका विवाह किया जाएगा।
लेकिन बाद की घटनाओं ने इस आश्वासन पर सवाल खड़े कर दिए।
टीम के जाते ही उसी दिन बदल गया फैसला
जांच के मुताबिक, 24 जून को दोनों परिवार गोम्मटगिरी के ड्रीम वर्ल्ड रिसोर्ट पहुंचे। वहां विवाह की तैयारियां शुरू हुईं।
बताया गया है कि इसी दौरान सरकारी टीम को फिर सूचना मिली और वह मौके पर पहुंची। टीम के वापस लौटने के बाद परिवार ने उसी शाम किशोरी का विवाह करा दिया।
यानी जिस शादी को रोकने के लिए पहले समझाइश और शपथ पत्र तक लिया गया था, वही आयोजन प्रशासनिक टीम के लौटने के बाद पूरा कर दिया गया।
रक्षाबंधन पर सामने आई पूरी बात
इस मामले की जानकारी काफी समय बाद तब सामने आई, जब रक्षाबंधन के दौरान किशोरी अपने मायके आई। ग्रामीणों को पता चला कि शादी टली नहीं थी, बल्कि उसका विवाह हो चुका था।
इसके बाद 1 सितंबर को कलेक्टर जनसुनवाई में एक आवेदक ने शादी से जुड़े फोटो और दूसरे साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई।
कलेक्टर के निर्देश के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।
फोटो-वीडियो और स्कूल रिकॉर्ड से उम्र की पुष्टि
जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के निर्देशन में बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने जांच संभाली।
जांच के दौरान परिवार और फोटोग्राफर की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो को देखा गया। इन डिजिटल साक्ष्यों से विवाह होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद सांवेर तहसीलदार के माध्यम से स्कूल से बालिका का आयु प्रमाण-पत्र हासिल किया गया। रिकॉर्ड में उसकी उम्र 17 साल 5 महीने पाई गई।
इस तरह जांच टीम के सामने विवाह होने और लड़की के नाबालिग होने, दोनों के पर्याप्त साक्ष्य सामने आए।
दूल्हों समेत 9 लोगों के खिलाफ मामला
साक्ष्य जुटाने के बाद महेंद्र पाठक अपनी टीम की सदस्य संगीता सिंह के साथ गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बालिग युवक अभिषेक और रितिक सोनी, वर-वधू के माता-पिता और विवाह में शामिल रिश्तेदारों समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।
अब पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है। बालिका का मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर प्रकरण में अन्य धाराएं जोड़े जाने की संभावना है।