इंदौर में यात्री परिवहन का नया विजन, CM मोहन यादव बोले- सुरक्षित और ग्रीन होगी व्यवस्था; PPP मॉडल पर जोर
इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और अन्य ग्रीन एनर्जी आधारित बसों को बढ़ावा देना है।

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इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से यात्री परिवहन विजन समिट-2026 की शुरुआत हुई। दो दिन चलने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को नए तरीके से विकसित करने पर मंथन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने पर सरकार का फोकस है।
सरकार इसके लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी में है। यानी परिवहन से जुड़े कई प्रोजेक्ट में सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी। इसी को PPP मॉडल यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल कहा जाता है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर फोकस
समिट का मुख्य केंद्र मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा है। इसके जरिए यात्रियों के लिए बस सेवा को ज्यादा सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने की योजना पर चर्चा हो रही है।
मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से सरकार PPP मॉडल, आधुनिक आईटी सिस्टम और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
समिट में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल समेत देशभर के परिवहन विशेषज्ञ, बस ऑपरेटर, परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद हैं।
बस सेवा में AI से लेकर रियल टाइम डेटा तक
दो दिवसीय आयोजन में यात्री परिवहन से जुड़े कुल 8 प्रमुख सत्र रखे गए हैं। इनमें MP मोबिलिटी विजन-2030, निजी निवेश, बस संचालन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और रोजगार व उद्यमिता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
यात्रियों की सुरक्षा और बसों के रूट को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। AI और रियल टाइम डेटा की मदद से यह तय करने पर विचार होगा कि किस रूट पर कितनी बसें और किस समय चलनी चाहिए।
इसके साथ ही एकीकृत टिकटिंग सिस्टम पर भी चर्चा होगी, ताकि यात्रियों के लिए टिकटिंग व्यवस्था ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाई जा सके।
इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों पर भी चर्चा
भविष्य के यात्री परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों पर भी विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे।
इन बसों के इस्तेमाल के साथ चार्जिंग और रिफ्यूलिंग स्टेशन का नेटवर्क कैसे तैयार किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। सरकार का उद्देश्य ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें प्रदूषण कम हो और यात्रियों को सुरक्षित व बेहतर सेवा मिल सके।