स्वच्छ हवा की रैंकिंग में जबलपुर देश में तीसरे नंबर पर, दिल्ली में महापौर और निगमायुक्त को मिला राष्ट्रीय सम्मान
जबलपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश के 130 शहरों के बीच तीसरा स्थान हासिल किया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। शहर की वायु गुणवत्ता में भी पिछले वर्षों के मुकाबले लगातार सुधार दर्ज किया गया है।

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जबलपुर की हवा में सुधार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर ने देश के 130 शहरों के बीच तीसरा स्थान हासिल किया है। सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार को यह सम्मान दिया गया।
रैंकिंग में लखनऊ पहले और इंदौर दूसरे स्थान पर रहा। जबलपुर के लिए तीसरे स्थान की यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है, क्योंकि शहर लगातार शीर्ष पायदान वाले शहरों में बना हुआ है।
130 शहरों के प्रदर्शन का हुआ आकलन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पहल है। इसे राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत संचालित किया जाता है। इसमें शामिल शहरों का वायु प्रदूषण नियंत्रण और उससे जुड़े अलग-अलग मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है।
सर्वेक्षण का उद्देश्य शहरों के बीच प्रदूषण कम करने को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और साफ हवा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में भी आया सुधार
जबलपुर के प्रदर्शन को समझने के लिए पिछले वर्षों के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार कम हुआ है।
वर्ष | वायु गुणवत्ता सूचकांक |
|---|---|
2023-24 | 109 |
2024-25 | 92 |
2025-26 | 88 |
2026-27 | 77 |
चार साल के आंकड़ों में 109 से घटकर 77 तक पहुंचा सूचकांक शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा को दर्शाता है।
धूल और खुले में कचरा जलाने पर फोकस
नगर निगम ने प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए। मुख्य मार्गों के साथ गली-मोहल्लों में पेवर ब्लॉक लगाए गए, जिससे धूल उड़ने की समस्या कम करने की कोशिश की गई।
खुले में कचरा जलाने पर सख्ती के साथ सड़कों और फुटपाथ की धुलाई भी कराई गई। प्रमुख चौराहों पर फाउंटेन चालू किए गए। सर्दी के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए।
अब अगली चुनौती प्रदर्शन को बनाए रखना
जबलपुर पिछले दो सर्वेक्षणों में दूसरे स्थान पर रहा था। इस बार तीसरे स्थान पर आने के बावजूद शहर शीर्ष तीन में बना हुआ है।
अब नगर निगम के सामने चुनौती मौजूदा सुधार को बरकरार रखने के साथ रैंकिंग में फिर ऊपर जाने की है। राष्ट्रीय सम्मान के बाद शहर से उम्मीद होगी कि स्वच्छ हवा के लिए किए जा रहे प्रयास सिर्फ सर्वेक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर भी उनका असर लगातार दिखाई दे।