ऑपरेशन मैट्रिक्स: इंदौर में व्हील अकाउंट से डेढ़ करोड़ की साइबर ठगी, आरोपी अभिषेक तिवारी गिरफ्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसके बैंक ऑफ इंडिया खाते के जरिए 15 राज्यों से जुड़ी 51 एनसीआरबी शिकायतों में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम आगे कहां गई और क्रिप्टोकरेंसी कनेक्शन कितना बड़ा है।

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इंदौर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अभिषेक तिवारी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसके बैंक ऑफ इंडिया के खाते का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की रकम खपाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक इस एक खाते से जुड़ी 51 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRB) पर दर्ज हैं, जो 15 राज्यों से आई हैं।
ऑपरेशन मैट्रिक्स क्या है
मध्यप्रदेश पुलिस का यह अभियान साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे "व्हील अकाउंट्स" यानी उन बैंक खातों पर केंद्रित है, जिनके जरिए ठगी की रकम आगे खपाई जाती है। इससे पहले पुलिस ऑपरेशन बेस के तहत पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के दुरुपयोग पर कार्रवाई कर चुकी है। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और जोन की टीमें अब व्हील अकाउंट्स पर लगातार काम कर रही हैं।
डेढ़ करोड़ का लेनदेन, 15 राज्यों से शिकायतें
पुलिस के मुताबिक अभिषेक तिवारी के बैंक ऑफ इंडिया खाते का इस्तेमाल कर देशभर के 15 राज्यों से जुड़े फ्रॉड की रकम खपाई गई। इस एक खाते से जुड़ी एनसीआरबी पोर्टल पर 51 शिकायतें दर्ज हैं और कुल लेनदेन डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना उन राज्यों में शामिल हैं जहां से इस खाते से जुड़े ट्रांजेक्शन की जांच चल रही है।
पूछताछ जारी, नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खाता कैसे और किसके कहने पर इस्तेमाल में लाया गया, और ठगी की रकम इंदौर के इस खाते तक कैसे पहुंची। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी खुलासा होगा।
"ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा लगातार व्हील अकाउंट्स पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले ऑपरेशन बेस के तहत पीओएस प्वाइंट ऑफ सेल पर कार्रवाई की गई थी। अभिषेक तिवारी के बैंक ऑफ इंडिया खाते के जरिए 15 राज्यों से जुड़ी 51 एनसीआरबी शिकायतों में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन सामने आया है। यह खाता अलग-अलग राज्यों में कैसे इस्तेमाल हुआ और फ्रॉड की रकम इस खाते तक कैसे पहुंची, इसकी जांच लगातार जारी है। फिलहाल एक खाता चिन्हित किया गया है, लेकिन इंदौर में ऐसे कई और व्हील अकाउंट्स हैं जिन पर क्राइम ब्रांच और जोन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों का भी खुलासा होगा। यह भी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है कि रकम क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर देश से बाहर भेजी गई या नहीं, जब तक अंतिम खाता ट्रैक नहीं होता तब तक इसकी पुष्टि संभव नहीं है।"
अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह ट्रैक करने में जुटी है कि रकम किन-किन खातों से होकर आगे बढ़ी और आखिरी छोर पर कहां पहुंची। क्रिप्टोकरेंसी में कन्वर्जन की भी जांच हो रही है, हालांकि विदेश कनेक्शन की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि इंदौर में ऐसे कई अन्य व्हील अकाउंट्स सक्रिय होने की आशंका है, जिन पर काम जारी है।
