हाईस्पीड एस्टन मार्टिन ने ली महिला की जान! सांसद के 21 साल के बेटे पर केस, हादसे के बाद भी गिरफ्तारी नहीं
हैदराबाद के माधापुर इलाके में तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार की चपेट में आने से 21 वर्षीय महिला कर्मचारी भारती मुखी की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक कार राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे लिंगमनेनी संजूष चला रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्ज कर आरोपी को नोटिस जारी किया है।

Audio tools for this article
हैदराबाद। शहर की सड़क पर दौड़ती करोड़ों की कार उस वक्त मौत का कारण बन गई, जब माधापुर में सड़क पार कर रही एक महिला को एस्टन मार्टिन ने टक्कर मार दी। हादसे में भारती मुखी की जान चली गई। पुलिस के अनुसार कार राज्यसभा सांसद और कारोबारी लिंगमनेनी रमेश के 21 वर्षीय बेटे लिंगमनेनी संजूष के नाम से जुड़ी है और हादसे के समय वही गाड़ी चला रहे थे।
मॉल के सामने सड़क पार कर रही थीं भारती
हादसा 16 अगस्त की दोपहर माधापुर इलाके में इनऑर्बिट मॉल के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक भारती मुखी एक सहकर्मी के साथ खाना लेने ITC कोहिनूर की तरफ गई थीं। लौटते समय वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि भारती के सिर में गंभीर चोट आई और काफी खून बह गया। पुलिस के मुताबिक घायल महिला को उसी कार से जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के चार दिन बाद सामने आया मामला
घटना के बाद भारती की दोस्त पूजा ने स्टोर मैनेजर अश्विन कुमार को इसकी जानकारी दी। मृतका माधापुर के एक मॉल स्थित कपड़ों के शोरूम में काम करती थीं।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कार चला रहे संजूष के खिलाफ लापरवाही तथा तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्ज किया।
सांसद और जनसेना पार्टी से जुड़ा है परिवार
आरोपी संजूष के पिता लिंगमनेनी रमेश राज्यसभा सांसद होने के साथ कारोबारी भी हैं। उनका राजनीतिक जुड़ाव आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जनसेना पार्टी से है।
मामले के हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। साइबराबाद पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया गया है।
केस दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी क्यों नहीं?
माधापुर के एसीपी पी. श्रीधर के अनुसार दर्ज धाराओं में अधिकतम सजा सात साल से कम है। पुलिस ने इसे जमानती अपराध की श्रेणी में बताया है, जिसके चलते फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
अब पुलिस हादसे की परिस्थितियों, कार की गति और घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। इस जांच से यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना किस परिस्थितियों में हुई और आरोपी की भूमिका को लेकर आगे क्या कानूनी कार्रवाई बनती है।
एक परिवार ने खोया अपना सदस्य, सवाल सड़क सुरक्षा पर भी
यह हादसा सिर्फ एक हाई-प्रोफाइल कार दुर्घटना नहीं है। शहर के व्यस्त इलाके में सड़क पार कर रही एक महिला की मौत ने तेज रफ्तार वाहनों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के साथ अब इस बात पर भी नजर रहेगी कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है और मृतका के परिवार को न्याय कब मिलता है।


