
ड्यूटी पर नहीं पहुंचे ASI, सरकारी क्वार्टर का दरवाजा खुला तो थम गई आवाज... बिस्तर पर मिला कैलाश मिश्रा का शव
शहडोल कोतवाली में पदस्थ ASI कैलाश मिश्रा ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो साथी पुलिसकर्मी उनके सरकारी आवास पर गए। अंदर उनका शव बिस्तर पर मिला। मौत की वजह फिलहाल साफ नहीं है।

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शहडोल। रोज की तरह सुबह ड्यूटी पर पहुंचना था, लेकिन ASI कैलाश मिश्रा थाने नहीं आए। पहले फोन किया गया, फिर दोबारा कोशिश हुई, मगर उधर से कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ी तो साथी पुलिसकर्मी उनके सरकारी क्वार्टर पहुंचे। दरवाजा खुला और भीतर बिस्तर पर कैलाश मिश्रा का शव पड़ा मिला। कुछ ही देर में खबर पूरे पुलिस महकमे में फैल गई और सरकारी आवास जांच के घेरे में आ गया।
फोन बजता रहा, जवाब नहीं आया
कैलाश मिश्रा शहडोल कोतवाली में ASI के पद पर तैनात थे और सरकारी आवास में रह रहे थे। तय समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के बाद साथियों ने उनसे संपर्क करना शुरू किया। कई बार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिला तो पुलिसकर्मी सीधे उनके क्वार्टर पहुंचे।
अंदर पहुंचने पर कैलाश मिश्रा बिस्तर पर मृत मिले। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।
मौत कैसे हुई, अभी साफ नहीं
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल किसी खास वजह को मौत से जोड़ने की स्थिति नहीं है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले उनकी तबीयत कैसी थी और आखिरी बार उन्होंने किससे बातचीत की थी।
मौके से मिले तथ्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की तस्वीर साफ होगी।
अब आखिरी घंटों की कड़ी जोड़ रही पुलिस
जांच का फोकस अब कैलाश मिश्रा की आखिरी गतिविधियों पर है। उन्होंने रात या सुबह किससे संपर्क किया, कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी या नहीं और क्वार्टर में ऐसी कोई चीज मिली या नहीं जो मौत की वजह समझने में मदद करे—इन सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
अभी तक किसी संदिग्ध गतिविधि या बाहरी हस्तक्षेप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनेगी सबसे अहम कड़ी
ऐसे मामलों में अनुमान से ज्यादा महत्व मेडिकल रिपोर्ट का होता है। पोस्टमॉर्टम से मौत का समय, कारण और शरीर पर किसी चोट या बीमारी के संकेत स्पष्ट हो सकते हैं। इसके बाद ही पुलिस तय करेगी कि मामला सामान्य मृत्यु का है या जांच को किसी दूसरी दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है।
जिसने पूरी नौकरी वर्दी में बिताई, उसकी मौत ने महकमे को रोक दिया
सरकारी क्वार्टर से ASI का शव मिलने की खबर के बाद शहडोल पुलिस में शोक का माहौल है। साथियों के लिए सुबह की एक सामान्य गैरहाजिरी अचानक ऐसी खबर में बदल गई जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।
अब सवाल सिर्फ इतना है—कैलाश मिश्रा की आखिरी रात में आखिर क्या हुआ था?

