
ग्वालियर नगर निगम से डिजिटल सिग्नेचर डोंगल गायब: CCTV में जेब में रखते दिखे BJP पार्षद, FIR की तैयारी
ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय की टेंडर शाखा से विद्युत विभाग की टेंडर प्रक्रिया के दौरान प्रभारी सहायक यंत्री का डिजिटल सिग्नेचर (DSC) डोंगल चोरी होने का मामला सामने आया है. सीसीटीवी फुटेज में भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास डोंगल जेब में रखते नजर आ रहे हैं. निगम प्रशासन ने पुलिस थाने में आवेदन देकर एफआईआर की मांग की है, जबकि पार्षद ने इसे भूलवश जेब में जाने का दावा किया है.

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ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय स्थित टेंडर शाखा से बेहद संवेदनशील डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) डोंगल रहस्यमयी तरीके से गायब होने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर वार्ड क्रमांक 21 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद बृजेश श्रीवास पर डोंगल ले जाने का आरोप लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है.
विद्युत विभाग के टेंडर के दौरान घटी घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 23 जुलाई का है जब ग्वालियर नगर निगम की टेंडर शाखा में विद्युत विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण टेंडरों की प्रक्रिया निष्पादित की जा रही थी. इस दौरान टेंडर स्वीकृति और सत्यापन के लिए जिम्मेदार प्रभारी सहायक यंत्री रामबाबू दिनकर का आधिकारिक डिजिटल सिग्नेचर डोंगल शाखा के टेबल पर रखा हुआ था.
निगम द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास टेंडर शाखा के भीतर पहुंचे. वहां कुछ देर रुकने और बातचीत करने के बाद वे मेज पर रखा डिजिटल सिग्नेचर डोंगल उठाकर सीधे बाहर चले गए.
शपथ पत्र और CCTV फुटेज के साथ विश्वविद्यालय थाने में आवेदन
मामले का खुलासा होने के बाद नगर निगम प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय थाना पुलिस के पास पहुंचा है. निगम ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिए गए आवेदन के साथ टेंडर शाखा में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सहित दो प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों के विधिवत शपथ पत्र (Affidavits) भी पुलिस को सौंपे हैं.
CCTV फुटेज बना अहम सबूत: टेंडर शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में पूरा घटनाक्रम कैद होने का दावा किया गया है. फुटेज में पार्षद की संदिग्ध गतिविधियों को देखा जा सकता है.
जांच की मांग: नगर निगम ने पुलिस से सीसीटीवी कैमरों के डेटा को साक्ष्य बनाकर संबंधित पार्षद के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है.
पार्षद की सफाई: 'अनजाने में जेब में चला गया था डोंगल'
दूसरी तरफ, आरोपों से घिरे भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी अलग सफाई पेश की है. पार्षद का कहना है कि वे किसी टेंडर के सिलसिले में जानकारी लेने के लिए दफ्तर गए थे.
पार्षद बृजेश श्रीवास के मुताबिक, "वहां रखा डोंगल अनजाने में मेरी जेब में चला गया था. बाद में जब मुझे महसूस हुआ कि जेब में कोई पेन ड्राइव जैसी चीज रखी है, तो मैंने इसके बारे में पता करने के लिए फोन किया. जानकारी मिलते ही मैंने वह डोंगल संबंधित व्यक्ति (लवलेश) को वापस लौटा दिया था." पार्षद ने दावा किया कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के तहत पुलिस में आवेदन दिया गया है.
पुलिस जांच और तकनीकी पड़ताल जारी
मामले में डोंगल की वापसी की परिस्थितियों, कर्मचारियों के शपथ पत्र और दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज को पुलिस अपनी जांच का मुख्य आधार बना रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की डिजिटल फॉरेंसिक पड़ताल और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि डोंगल ले जाने की मंशा क्या थी और इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी या नहीं.

