बूंदी जनाना अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत, ऑपरेशन थिएटर सीज; प्रशासन ने मांगी पूरी रिपोर्ट
बूंदी के जनाना अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर कोटा भेजी गई तीन प्रसूताओं में से दो की मौत हो गई। घटना के बाद ऑपरेशन थिएटर बंद कर संक्रमणरोधी प्रक्रिया शुरू की गई है और प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

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बूंदी के जिला अस्पताल के जनाना अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और दो की मौत के मामले ने चिकित्सा प्रशासन को जांच के घेरे में ला दिया है। तीन प्रसूताओं को उपचार के लिए कोटा रेफर किया गया था, जिनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को फिलहाल बंद कर दिया है। ओटी को संक्रमणरोधी प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है। साथ ही भर्ती प्रसूताओं की सैंपलिंग और ऑपरेशन में इस्तेमाल सामग्री की जांच की तैयारी की गई है।
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने पूरे मामले की रिपोर्ट चिकित्सा प्रशासन से मांगी है।
एडीएम ने ओटी समेत अस्पताल की व्यवस्थाएं देखीं
मामले की जानकारी के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर एचडी सिंह शुक्रवार को जनाना अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर सहित अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
एडीएम ने प्रसूताओं के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर सिजेरियन ऑपरेशन, उपचार और कोटा रेफर किए जाने तक की पूरी जानकारी ली। चिकित्सा अधिकारियों से संबंधित रिकॉर्ड और घटनाक्रम के बारे में भी जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान पीएमओ डॉ. एमएल मीणा, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. गोविंद गुप्ता, सर्जन अमर शर्मा सहित अन्य चिकित्सक और अस्पताल कर्मचारी मौजूद रहे।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी तबीयत बिगड़ने की वजह
एडीएम एचडी सिंह ने कहा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। पीएमओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रशासन ऑपरेशन और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों की राय लिए जाने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल यह निष्कर्ष सामने नहीं आया है कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और मौत की निश्चित वजह क्या थी।
15 सितंबर को हुए थे सिजेरियन ऑपरेशन
पीएमओ डॉ. एमएल मीणा के अनुसार, 15 सितंबर को दो प्रसूताओं के सिजेरियन ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल कोटा रेफर किया गया।
इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। पीएमओ के मुताबिक, अब तक कुल तीन प्रसूताओं को कोटा भेजा गया है, जिनमें दो की मौत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किए थे। ऐसे में तबीयत अचानक बिगड़ने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
ऑपरेशन थिएटर फिलहाल बंद
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने जनाना अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को फिलहाल बंद कर दिया है। ओटी में संक्रमणरोधी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। इसके अलावा दवाइयों और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उनका परीक्षण किया जा सके।
पीएमओ ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और भर्ती प्रसूताओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट का इंतजार, उसके बाद तय होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल प्रशासन का फोकस घटना की वजह पता लगाने पर है। ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड, उपचार की प्रक्रिया, सैंपल और इस्तेमाल हुई सामग्री की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रसूताओं की तबीयत क्यों बिगड़ी।
प्रशासनिक रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
