दैनिक वेतनभोगी से सहकारी समिति प्रबंधक तक, EOW छापे में मिली करोड़ों की संपत्ति; 2 करोड़ के वाहन जब्त
बालाघाट के नीमटोला में सहकारी समिति मनेरी के प्रबंधक विलास चौरे के घर EOW ने छापा मारा। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसकी ज्ञात आय की तुलना में करीब चार गुना अधिक संपत्ति मिली है। टीम ने करीब 2 करोड़ रुपए के वाहन और कई निवेश-संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।

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बालाघाट के लांजी तहसील के नीमटोला में गुरुवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब जबलपुर EOW की टीम ने सहकारी समिति मनेरी के प्रबंधक विलास चौरे के घर दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में टीम को बड़ी संख्या में वाहन, जमीन, मकान, निवेश और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है।
EOW के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में चौरे की संपत्ति उसकी वैध आय की तुलना में करीब चार गुना अधिक पाई गई है। कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेज और संपत्तियों का मूल्यांकन अभी जारी है।
शिकायत के बाद कोर्ट से लिया सर्च वारंट
EOW के डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में करीब 10 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, विलास चौरे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया। इसके बाद टीम ने नीमटोला स्थित चौरे के आवास पर तलाशी शुरू की, जो सुबह से देर शाम तक चली।
पत्नी के नाम ट्रैवल्स, घर में मिला वाहनों का बड़ा बेड़ा
तलाशी के दौरान EOW को पता चला कि चौरे की पत्नी पदमा चौरे के नाम पर ट्रैवल्स का व्यवसाय संचालित किया जा रहा है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, परिसर और रिकॉर्ड में चार 50-सीटर लग्जरी बसें, एक ट्रैवलर, चार लग्जरी कारें, चार दोपहिया वाहन और दो ट्रैक्टर मिले। इन वाहनों की कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपए आंकी गई है।
EOW के अनुसार, ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किराये पर कृषि कार्य के लिए किया जाता था।
तीन बैंक खाते सीज, पॉलिसियों की भी जांच
तलाशी में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और जिला सहकारी बैंक में तीन खाते मिलने की जानकारी सामने आई। EOW ने इन खातों को सीज कर उनके लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा चार LIC पॉलिसियों और एक निजी कंपनी की पॉलिसी के बॉन्ड भी मिले हैं। इन निवेशों के स्रोत और भुगतान की जानकारी की जांच की जा रही है।
5 लाख की जमीन पर 50 लाख का मकान
EOW के मुताबिक, चौरे ने करीब 5 लाख रुपए में जमीन खरीदी थी, जिस पर लगभग 50 लाख रुपए की लागत से मकान बनाया गया। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी भी तलाशी में मिली है।
घर परिसर में एक निजी जिम का निर्माण भी कराया जा रहा था। इसके उपकरणों पर करीब 10 लाख रुपए खर्च होने की बात सामने आई है।
तलाशी के दौरान जमीन, मकान और अन्य निवेश से संबंधित दस्तावेजों के साथ करीब 5 लाख रुपए का सोना भी मिलने की जानकारी दी गई है।
दैनिक वेतनभोगी के तौर पर शुरू हुई थी नौकरी
EOW अधिकारियों के मुताबिक, विलास चौरे मूल रूप से वारासिवनी क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी नौकरी सहकारी समिति में दैनिक वेतनभोगी के तौर पर शुरू हुई थी। बाद में वह प्रबंधक के पद तक पहुंचा।
अधिकारी के अनुसार, सेवा अवधि के हिसाब से उसकी वैध आय करीब 20 से 22 लाख रुपए के आसपास आंकी गई है। तलाशी में सामने आई संपत्तियों और निवेशों की तुलना में यह राशि काफी कम बताई गई है।
पद के दुरुपयोग की भी जांच
EOW का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अधिकारियों ने समिति में पद पर रहते हुए कथित तौर पर पद के दुरुपयोग से संपत्ति अर्जित करने के पहलू को भी जांच में शामिल किया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब बैंक लेनदेन, वाहनों की खरीद, जमीन के दस्तावेज, बीमा पॉलिसियां और अन्य संपत्तियों के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।
EOW का कहना है कि तलाशी में मिले रिकॉर्ड के आधार पर आगे अन्य चल-अचल संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। फिलहाल यह प्रारंभिक जांच है और संपत्ति के स्रोत तथा कथित आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आकलन विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा।