मंदिर में गाड़ीं लाशें, ऊपर से बिछाईं टाइल्स! बागपत का महंत कोलकाता में भिखारी के भेष में गिरफ्तार
बागपत के दोहरे हत्याकांड की जांच में मंदिर परिसर से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की कार्रवाई में फरार चल रहे महंत नरेशनाथ को कोलकाता से पकड़ा गया, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

Audio tools for this article
बागपत के बहुचर्चित अंकित और इसरार हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे मंदिर के महंत नरेशनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश से निकलकर कोलकाता पहुंच गया था और वहां भिखारी के रूप में रह रहा था। इस मामले की जांच उस वक्त और गंभीर हो गई, जब दोनों युवकों के शव मंदिर परिसर में जमीन के नीचे दबे मिलने की बात सामने आई। आरोप है कि शवों को छिपाने के बाद ऊपर टाइल्स बिछा दी गई थीं, ताकि किसी को संदेह न हो।
दोनों युवकों के गायब होने के बाद खुली जांच की कड़ी
अंकित और इसरार के अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की थी। गुमशुदगी की जांच में पुलिस ने दोनों युवकों की आखिरी गतिविधियों और उनके संपर्कों को खंगाला। इसी दौरान जांच की दिशा मंदिर और वहां रहने वाले महंत नरेशनाथ तक पहुंची। पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर परिसर की भी पड़ताल शुरू की और मामले में महंत की भूमिका की जांच की गई।
मंदिर के फर्श के नीचे दबे मिले शव
पुलिस की जांच में मंदिर परिसर के एक हिस्से को लेकर संदेह गहराया। जांच और खुदाई के दौरान वहां से दोनों युवकों के शव मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, शवों को जमीन में दबाने के बाद उस स्थान पर टाइल्स लगा दी गई थीं। इससे फर्श ऊपर से सामान्य दिखाई देता रहा और कथित तौर पर शवों को छिपाने की कोशिश की गई। इस बरामदगी ने मामले को दोहरे हत्याकांड की जांच में बदल दिया।
प्रेम प्रसंग और विवाद की दिशा में भी जांच
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि इन कारणों और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों युवकों और महंत के बीच किस तरह का विवाद था और घटना से पहले उनकी मुलाकात या संपर्क कब हुआ था।
फरारी के दौरान महंत ने बदला अपना हुलिया
वारदात के बाद नरेशनाथ फरार हो गया था। पुलिस की टीमों ने उसकी तलाश के लिए तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद ली। जांच के दौरान उसके दूसरे राज्य में होने के संकेत मिले। पुलिस के मुताबिक, वह कोलकाता पहुंचने के बाद अपना हुलिया बदल चुका था और भिखारी के रूप में सड़कों पर रह रहा था। इस तरह वह अपनी पहचान छिपाकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश कर रहा था।
कोलकाता में स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तारी
नरेशनाथ की लोकेशन का इनपुट मिलने के बाद बागपत पुलिस की टीम कोलकाता पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्ध की पहचान और लोकेशन की पुष्टि की गई। इसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, उस समय भी आरोपी भिखारी के वेश में था। गिरफ्तारी के बाद अब उसे बागपत लाकर मामले से जुड़े सवालों पर पूछताछ की जाएगी।
पूछताछ में सामने आएगी वारदात की पूरी कड़ी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दोनों युवकों की हत्या किस परिस्थिति में हुई और शवों को मंदिर परिसर में छिपाने की योजना कैसे बनाई गई। इसके अलावा यह भी जांच होगी कि टाइल्स बिछाने में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं। पुलिस आरोपी के फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों और उसके ठिकानों की भी जानकारी जुटाएगी।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
महंत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब इस बात का पता लगाने की चुनौती है कि वारदात में केवल नरेशनाथ की भूमिका थी या किसी और ने भी सहयोग किया। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि हत्या की पूरी वजह और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका जांच का विषय है।