आमेर में टूरिस्ट गाइड की मौत से उबाल, बाजार बंद कर सड़कों पर उतरे लोग; परिवार बोला- 7 मांगें मानो
जयपुर के आमेर में टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की मौत के बाद विरोध तेज हो गया है। चाकूबाजी की घटना में घायल मनीष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और गाइड्स ने बाजार बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार ने मुआवजे से लेकर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई तक 7 मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं।

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आमेर में मंगलवार को माहौल अचानक बदल गया। जिन बाजारों में रोज पर्यटकों की आवाजाही रहती है, वहां दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर लोगों की भीड़ नजर आई। वजह थी टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की मौत। एक दिन पहले मावठा सरोवर के पास चाकू लगने से घायल हुए मनीष ने सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मौत की सूचना मिलते ही टूरिस्ट गाइड्स और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बाजार बंद कर दिए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आमेर जैसे पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है।
एक विवाद, फिर पेट में चाकू लगने से गंभीर हुए मनीष
सोमवार को मावठा सरोवर पर जीप चालक और मनीष सोनी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान मनीष पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
चाकू पेट में लगने के बाद मनीष को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इलाज की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
मौत के बाद बंद रहे आमेर के बाजार
मनीष की मौत के बाद विरोध सिर्फ गाइड समुदाय तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। आमेर के बाजार बंद रहे और बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आमेर में पर्यटकों और उनसे जुड़े कारोबारियों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ता है।
परिवार की मांगों में एक करोड़ का मुआवजा भी शामिल
मनीष के परिवार ने प्रशासन के सामने सात मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और डेयरी आवंटित करने की है।
परिवार आरोपी के खिलाफ तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग कर रहा है। इसके अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द कार्रवाई या एनकाउंटर की मांग भी सूची में शामिल है।
आमेर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी उठी मांग
परिवार ने सिर्फ आरोपी पर कार्रवाई की मांग नहीं की है। आमेर महल और आसपास के इलाके में अवैध रूप से वाहन चलाने वालों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग भी रखी गई है।
इसके पीछे परिवार का तर्क है कि पर्यटन क्षेत्र में अनियंत्रित और अवैध वाहन संचालन पर सख्ती जरूरी है।
पूरे थाने के स्टाफ को हटाने की मांग
पुलिस की भूमिका को लेकर भी परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने आमेर थाने के पूरे स्टाफ को हटाने और थाना प्रभारी के साथ जांच अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि पहले दी गई शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। इसी वजह से पुलिस की कार्यप्रणाली की भी जांच की मांग की जा रही है।
परिवार ने मांगी पुलिस सुरक्षा
सातवीं मांग पीड़ित परिवार की सुरक्षा से जुड़ी है। परिजनों ने पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। प्रदर्शनकारियों का दबाव बढ़ने के बीच यह देखना अहम होगा कि परिवार की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है और चाकूबाजी की इस घटना में पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
