
पत्थर पर लिखे नाम, दिलों पर लिखे सवाल: पहलगाम की 'शहीद स्मारक' और अधूरी उम्मीदों की दास्तान
बैसरन हमले के एक साल बाद, लिद्दर नदी के किनारे खड़ा यह 'शहीद स्मारक' पर्यटकों के लिए एक संवेदनशील पड़ाव बन गया है, लेकिन क्या पत्थरों पर खुदे नाम पीड़ितों के परिवारों का दर्द कम कर पा रहे हैं?

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जब पत्थर बोलते हैं, तो ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है

ऑपरेशन सिंदूर: जवाब मिला — न्याय अभी बाकी है
लिद्दर बहती रहेगी — सवाल भी


