उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास 500 मीटर तक बैरिकेडिंग, जुमे की नमाज से पहले RAF-STF-CRPF तैनात
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के बाद उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी बनी हुई है। जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ाने के साथ ड्रोन और CCTV से निगरानी शुरू की है।

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उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के बाद से जारी तनाव के बीच शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर या उससे आगे तक बैरिकेडिंग कर रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी है। RAF, STF और CRPF की तीन कंपनियों को तैनात किया गया है, जबकि 8 ड्रोन और करीब 100 CCTV कैमरों से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर बढ़ा पहरा
शाही मस्जिद की तरफ जाने वाले रास्तों पर गुदरी चौराहा, कंठाल, खारा कुआं थाना और गेबी हनुमान मंदिर क्षेत्र के आगे भी लोगों की आवाजाही रोकी जा रही है। पुलिस ने कई जगह चेकिंग पॉइंट बनाए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का फोकस शुक्रवार को नमाज के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने पर है।
दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज, कई इलाकों में तैनाती
शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच अलग-अलग मस्जिदों में जुमे की नमाज के लिए लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए जामा मस्जिद सब्जी मंडी, केसवानी मोहल्ला, कबाड़ा बाजार, केडी मदीना मस्जिद और लोहे का पुल क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
इसके अलावा कोट मोहल्ला चौराहा, महाकाल मंदिर चौराहा और लखेरवाड़ी क्षेत्र में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इन स्थानों पर भीड़ की स्थिति के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित किया जाएगा।
RAF, STF और CRPF की तीन कंपनियां मैदान में
एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में RAF, STF और CRPF की कुल तीन कंपनियां लगाई गई हैं। इन बलों को संवेदनशील क्षेत्रों के साथ भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।
पुलिस ने रिजर्व बल भी तैयार रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त फोर्स मौके पर भेजी जा सके।
8 ड्रोन और 100 CCTV से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। पुलिस 8 ड्रोन के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही है। करीब 100 CCTV कैमरों से भी प्रमुख रास्तों और भीड़ वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
चेकिंग पॉइंट पर आने-जाने वालों की निगरानी की जा रही है और पुलिस का प्रयास है कि संवेदनशील क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ जमा न हो।
27 सितंबर से लगातार बदलता गया सुरक्षा घेरा
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को तोड़े जाने की खबर सामने आने के बाद 27 सितंबर को बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। अगले दिन 28 सितंबर को सुबह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्रवाई शुरू की। करीब 8:15 बजे प्रभावित हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू हुई और इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला।
करीब 9:15 बजे टंकी चौक की ओर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नारेबाजी के बीच बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद करीब 9:45 बजे पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में कई लोगों को हिरासत में लिया गया और प्रशासन ने क्षेत्र की दुकानों को खाली कराया।
29 सितंबर को मस्जिद परिसर में मीडिया की आवाजाही पर रोक के बीच प्रभावित हिस्से को गिराने की कार्रवाई आगे बढ़ी। इस दौरान आरोपियों की संख्या बढ़ी और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। 30 सितंबर को कुछ आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और मीनार के हिस्से को हटाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
इसके बाद 1 अक्टूबर की सुबह मीनार का एक हिस्सा गिरकर मस्जिद की छत की ओर जा गिरा। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
प्रशासन का पूरा फोकस शुक्रवार की व्यवस्था पर
लगातार हुई घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने शुक्रवार की नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। शाही मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग बढ़ाने के साथ दूसरे संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
फिलहाल पुलिस की निगरानी, चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से कराने पर प्रशासन का पूरा फोकस है।
