
श्रीनगर सेंट्रल जेल की दीवार फांदकर POCSO के दो अंडरट्रायल फरार, पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस; तलाश तेज
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर सेंट्रल जेल से POCSO एक्ट के मामलों में बंद दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। दोनों जेल की दीवार फांदकर बाहर निकल गए। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू करने के साथ लुकआउट नोटिस जारी किया है।

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने का मामला सामने आया है। दोनों कैदी POCSO एक्ट से जुड़े गंभीर मामलों में जेल में बंद थे। जानकारी के मुताबिक, दोनों ने जेल की दीवार फांदी और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
फरार कैदियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुर्जर के रूप में हुई है। दोनों की तलाश में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस ने दोनों की तस्वीरें भी जारी की हैं, ताकि उनकी पहचान करने में आम लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल सके।
फरार दोनों कैदियों पर POCSO के मामले
पुलिस के मुताबिक, फरमान खान राजस्थान के सदनपोरा का रहने वाला है। उसे 23 जून 2026 को श्रीनगर सेंट्रल जेल लाया गया था। उसके खिलाफ गांदरबल जिले के लार थाने में मामला दर्ज है। केस में BNS की धारा 137(2) और 87 के साथ POCSO एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
दूसरा फरार कैदी मुख्तार अहमद गुर्जर अनंतनाग के संगलन चित्तरगुल इलाके का रहने वाला बताया गया है। उसके खिलाफ श्रीनगर के सौरा थाने में मामला दर्ज है। उसके मामले में BNS की धारा 137(2) और 65(1) के साथ POCSO एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
दोनों आरोपी फिलहाल विचाराधीन कैदी थे। यानी उनके मामलों में अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी था।
जेल से भागने के बाद पूरे इलाके में तलाश
दोनों के फरार होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों के साथ-साथ उन रास्तों और इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां से दोनों के निकलने की आशंका है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जेल से बाहर निकलने के बाद दोनों किस दिशा में गए और क्या उन्हें बाहर से किसी तरह की मदद मिली थी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जेल प्रशासन की तरफ से भी आंतरिक जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
सेंट्रल जेल जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह से दो कैदियों का दीवार फांदकर फरार होना अपने आप में गंभीर मामला माना जा रहा है। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश करेंगी कि दोनों कैदियों ने जेल से भागने की तैयारी पहले से की थी या मौका मिलने पर अचानक फरार हुए। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जेल की सुरक्षा में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
दोनों की तस्वीरें जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने फरार कैदियों की तस्वीरें जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अगर फरमान खान या मुख्तार अहमद गुर्जर कहीं दिखाई दें तो लोग खुद उन्हें पकड़ने या उनके साथ किसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश न करें।
ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देने की अपील की गई है। पुलिस के मुताबिक, सूचना 112 के जरिए भी दी जा सकती है।
अब जांच के साथ तलाश भी जारी
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों फरार कैदियों को जल्द से जल्द तलाशना है। इसके साथ ही जेल से फरारी की पूरी घटना की जांच भी की जा रही है।
जांच में यह साफ करने की कोशिश होगी कि दोनों कैदी जेल से कैसे बाहर निकले, सुरक्षा में चूक कहां हुई और क्या फरारी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



