
फ्लाइट में बैठते ही AC ठप, गर्मी से घुटने लगा दम... दिल्ली-पुणे SpiceJet की उड़ान से पहले यात्रियों का हंगामा
दिल्ली से पुणे जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट में बोर्डिंग के बाद AC नहीं चलने से यात्री परेशान हो गए। गर्मी और घुटन बढ़ने पर विरोध हुआ और विमान को वापस बे में लाना पड़ा।

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नई दिल्ली। सीट बेल्ट बंध चुकी थी, यात्री दिल्ली से पुणे की उड़ान भरने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विमान के भीतर हालात सामान्य नहीं थे। AC काम नहीं कर रहा था और बंद केबिन में गर्मी लगातार बढ़ रही थी। कुछ यात्री मैगजीन और कागज से खुद को हवा करने लगे। बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ी तो नाराजगी भी बढ़ती चली गई। आखिरकार मामला इतना बिगड़ा कि टेकऑफ से पहले ही यात्रियों ने विरोध शुरू कर दिया और विमान को वापस बे में लाना पड़ा।
बोर्डिंग हुई, लेकिन केबिन में राहत की हवा नहीं
मामला दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का है। दिल्ली-पुणे स्पाइसजेट उड़ान में यात्रियों के बैठने के बाद एयर कंडीशनिंग को लेकर समस्या सामने आई। यात्रियों का आरोप है कि काफी देर तक उन्हें गर्म केबिन में बैठना पड़ा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
समय गुजरने के साथ भीतर उमस बढ़ने लगी। सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में कई लोग सीट पर रखी मैगजीन और कागज से हवा करते दिखाई दिए।
बच्चों-बुजुर्गों की परेशानी देख भड़के यात्री
फ्लाइट में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे। यात्रियों का दावा है कि वेंटिलेशन की समस्या के कारण कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। इसके बाद सवाल सिर्फ असुविधा का नहीं रहा, बल्कि यात्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
इसी बीच विमान टेकऑफ की प्रक्रिया की ओर बढ़ा तो यात्रियों ने विरोध तेज कर दिया। उनका कहना था कि तकनीकी समस्या दूर किए बिना उड़ान नहीं भरी जानी चाहिए।
रनवे की ओर बढ़ा विमान, फिर क्यों वापस लौटाना पड़ा?
विवाद बढ़ने के बाद विमान को आगे ले जाने के बजाय वापस बे में लाया गया। कुछ यात्री विमान से उतरकर टर्मेक तक पहुंच गए और एयरलाइन की व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
यात्रियों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि विमान में तकनीकी परेशानी पहले से थी, इसके बावजूद बोर्डिंग कराई गई। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
क्रू से भी हुई तीखी बहस
घटना के दौरान यात्रियों और फ्लाइट क्रू के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई है। कुछ यात्रियों का आरोप है कि उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें पुलिस बुलाने की चेतावनी दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विमान में वास्तविक तकनीकी खराबी किस स्तर की थी, AC कब बंद हुआ और विमान को वापस लाने का अंतिम निर्णय किस वजह से लिया गया।
अब जवाब एयरलाइन से भी चाहिए
किसी विमान में AC की समस्या अपने आप में हर बार उड़ान सुरक्षा का गंभीर खतरा नहीं होती, क्योंकि जमीन पर विमान के एयर कंडीशनिंग और पावर सिस्टम की कार्यप्रणाली अलग परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। लेकिन यदि यात्रियों को लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी या असुविधा में बैठना पड़ा, तो एयरलाइन की प्रतिक्रिया और यात्रियों को दी गई जानकारी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या तकनीकी समस्या की जानकारी बोर्डिंग से पहले थी? अगर थी, तो यात्रियों को विमान में क्यों बैठाया गया? और यदि समस्या बाद में आई, तो उन्हें समय रहते विमान से बाहर क्यों नहीं निकाला गया?



