जंतर-मंतर आंदोलन के बाद MP में सरकारी भर्तियों की रफ्तार बढ़ी, दो महीने में 35% ज्यादा पदों के विज्ञापन
मध्य प्रदेश में युवाओं के आंदोलन के बाद सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया में तेजी आने का दावा किया जा रहा है। जनवरी से जून 2026 के दौरान 7,723 पदों के विज्ञापन जारी हुए, जबकि जुलाई से 21 अगस्त के बीच 10,399 पदों पर भर्ती निकली। आगे सितंबर से दिसंबर के बीच 19,062 पदों पर भर्ती परीक्षाओं की तैयारी है।

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भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पिछले कुछ महीने अहम रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में देरी और रोजगार के मुद्दे को लेकर लंबे समय से नाराज युवाओं ने जून में आंदोलन शुरू किया था। करीब डेढ़ महीने तक चले इस आंदोलन के बाद सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज होने की तस्वीर सामने आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच प्रदेश में 7,723 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी हुए थे। इसके मुकाबले जुलाई से 21 अगस्त के बीच 10,399 पदों पर भर्ती के विज्ञापन सामने आए। यानी छह महीने के मुकाबले करीब दो महीने की अवधि में ही 35 फीसदी ज्यादा पदों के विज्ञापन जारी हुए।
युवाओं का आंदोलन बना दबाव की वजह
मध्य प्रदेश में बेरोजगारी और लंबे समय से अटकी भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी लगातार बढ़ रही थी। इसी बीच 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बैनर तले युवाओं ने आंदोलन शुरू किया। आंदोलन करीब डेढ़ महीने तक चला और 25 जुलाई को खत्म हुआ।
प्रदर्शन के दौरान भर्ती परीक्षाओं को जल्द कराने, लंबित परिणाम जारी करने और नई सरकारी नौकरियों के विज्ञापन निकालने की मांग लगातार उठती रही। आंदोलन खत्म होने के तुरंत बाद भर्ती से जुड़े कई फैसले सामने आए, जिससे इसे युवाओं के दबाव के नतीजे के तौर पर भी देखा जा रहा है।
हालांकि, भर्ती में तेजी की वजह सिर्फ आंदोलन ही थी या विभागों की पहले से चल रही प्रक्रिया का परिणाम, इसका आधिकारिक तौर पर कोई सीधा निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जनवरी से जून तक 7,723 पदों पर निकली भर्ती
साल के पहले छह महीनों में मध्य प्रदेश में 7,723 पदों के भर्ती विज्ञापन जारी किए गए। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की रही।
MPESB ने इस अवधि में 5,346 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए। इनमें ITI ट्रेनिंग ऑफिसर, पुलिस ASI, वनरक्षक, जेल प्रहरी और नर्सिंग ऑफिसर जैसे पद शामिल रहे।
वहीं मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की ओर से 1,391 पदों पर भर्ती निकाली गई। इसके अलावा पुलिस बैंड आरक्षक के 679 पदों सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, MPSEDC, MPPCB, MPBDC और अन्य विभागों के पद भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे।
आंदोलन खत्म होते ही आए बड़े भर्ती फैसले
25 जुलाई को आंदोलन खत्म हुआ और अगले ही दिन 26 जुलाई को 4,771 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। भर्ती प्रक्रिया के लिहाज से यह समय इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी अवधि में लंबित परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए गए।
इससे पहले 23 जुलाई को पुलिस विभाग में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी। इनमें 8,500 पद पुलिस आरक्षक जीडी और चालक के बताए गए हैं। पुलिस विभाग में इतने बड़े स्तर पर भर्ती लंबे अंतराल के बाद होने जा रही है।
यानी जुलाई के आखिर में एक तरफ नई भर्तियों के दरवाजे खुले, तो दूसरी तरफ पहले हो चुकी परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए गए।
जुलाई-अगस्त में इन भर्तियों ने बढ़ाया आंकड़ा
1 जुलाई से 21 अगस्त के बीच कई विभागों ने बड़ी संख्या में पदों के विज्ञापन जारी किए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 2,548 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की।
इसके अलावा MPESB ने कृषि विस्तार अधिकारी और उससे जुड़े पदों के लिए 2,784 पदों का विज्ञापन जारी किया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से भी भर्ती निकाली गई। इसमें सीनियर कंप्यूटर प्रोग्रामर असिस्टेंट के 130 और असिस्टेंट ग्रेड-3 के 1,174 पद शामिल हैं।
MPESB ने 4 अगस्त को ग्रुप-2 और ग्रुप-4 के तहत पटवारी समेत 2,106 पदों के लिए भी विज्ञापन जारी किया।
सिर्फ नई भर्ती नहीं, पुराने रिजल्ट भी आए
युवाओं की एक बड़ी शिकायत यह भी रही है कि परीक्षा होने के बाद परिणाम आने में काफी समय लग जाता है। जुलाई-अगस्त में इस मोर्चे पर भी कुछ तेजी दिखाई दी।
आंकड़ों के अनुसार 4,848 पदों के लिए आयोजित परीक्षाओं के परिणाम जारी किए गए। इनमें से 2,873 पदों के परिणाम 26 जुलाई से 21 अगस्त के बीच घोषित हुए।
इसका मतलब यह रहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद नई भर्ती के विज्ञापन के साथ पुरानी परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी।
अब सितंबर से दिसंबर तक 19 हजार से ज्यादा पदों पर नजर
भर्ती का अगला बड़ा चरण सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रस्तावित है। MPESB के संशोधित परीक्षा कैलेंडर के मुताबिक इस अवधि में करीब 19,062 पदों से जुड़ी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं।
इनमें सबसे बड़ा हिस्सा पुलिस आरक्षक भर्ती का है। करीब 7,500 पदों के लिए परीक्षा अक्टूबर-नवंबर के दौरान संभावित बताई गई है।
इसके अलावा पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के 2,900 पद, कृषि विस्तार अधिकारी के 2,784 पद और खंड पंचायत अधिकारी के 2,299 पद भी प्रस्तावित भर्तियों में शामिल हैं। पुलिस आरक्षक चालक के करीब 1,000 पदों की परीक्षा नवंबर में प्रस्तावित है।
सरकार का लक्ष्य- 2026 में एक लाख सरकारी नौकरियां
भर्ती की इस पूरी तस्वीर के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा था। मुख्यमंत्री ने 2026 में एक लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कही है।
सरकार ने 2027-28 तक करीब दो लाख और पदों पर भर्ती की रूपरेखा तैयार करने की बात भी कही है। अगले पांच वर्षों में कुल 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का लक्ष्य बताया गया है।
अब युवाओं की नजर इस बात पर है कि घोषित पदों के विज्ञापन समय पर निकलते हैं या नहीं, परीक्षाएं तय समय पर होती हैं या नहीं और सबसे अहम—भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्तियां कितनी तेजी से होती हैं।
क्योंकि नौकरी का विज्ञापन निकलना पहला कदम है। असली राहत तब होगी, जब परीक्षा, रिजल्ट, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया बिना अनावश्यक देरी के पूरी हो।
