मंदिर से लौटते वक्त मौत बनकर आया ट्रक, मुरैना में तीन महिलाओं की जान गई; जन्माष्टमी की रात पसरा मातम
मुरैना में जन्माष्टमी की रात चिरौना हनुमान मंदिर से लौट रही तीन महिलाओं की सड़क हादसे में मौत हो गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ट्रक की टक्कर के बाद एक महिला ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य को ग्वालियर ले जाते समय उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को हिरासत में लिया है।

Audio tools for this article
जिस रात मुरैना में कृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी रात तीन परिवारों के लिए सब कुछ बदल गया। मंदिर में पूजा और जन्मोत्सव के बाद घर लौट रही तीन महिलाओं को चिरौना हनुमान मंदिर के पास एक ट्रक ने टक्कर मार दी। कुछ मिनट पहले तक जो लोग उत्सव का हिस्सा थीं, हादसे के बाद उनके परिवारों में चीख-पुकार मच गई।
घटना देर रात की है। टक्कर के बाद तीनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। एक महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया जा रहा था। रास्ते में दोनों की भी मौत हो गई।
आधी रात के बाद सड़क पर हुआ हादसा
सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक दुर्घटना रात करीब 12:30 बजे चिरौना हनुमान मंदिर के पास हुई। महिलाएं जन्माष्टमी के आयोजन में शामिल होने के बाद अपने घर की ओर जा रही थीं।
इसी दौरान पीछे से आए ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की गई।
तीन परिवारों में छाया मातम
हादसे में एक महिला की जान मौके पर चली गई। गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं को ग्वालियर ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया।
एक ही घटना में तीन महिलाओं की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में शोक का माहौल है। जन्माष्टमी के आयोजन से लौट रहे परिवारों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि कुछ ही देर बाद उन्हें ऐसी खबर मिलेगी।
पुलिस ने ट्रक जब्त कर चालक को पकड़ा
हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लिया गया है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अब पुलिस दुर्घटना के पीछे की वजह तलाश रही है। ट्रक किस रफ्तार से चल रहा था, चालक का नियंत्रण कैसे बिगड़ा और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इन पहलुओं की जांच की जा रही है।
जन्माष्टमी की रात रतलाम में भी मची अफरा-तफरी
इसी रात रतलाम में कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान एक अलग घटना ने लोगों की सांसें रोक दीं। सैलाना रोड स्थित राम मंदिर में आधी रात कार्यक्रम चल रहा था। मंदिर की ऊपरी गैलरी से आतिशबाजी के बीच अचानक सजावट के सामान ने आग पकड़ ली।
उस समय मंदिर की गैलरी और छत पर काफी लोग मौजूद थे। आग दिखाई देते ही वहां भगदड़ जैसी स्थिति बनने लगी। लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश शुरू की।
समय पर बुझी आग, टला बड़ा हादसा
मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से आग को जल्द काबू में कर लिया गया। घटना में बिजली की वायरिंग प्रभावित होने की जानकारी है, लेकिन बड़ा हादसा टल गया।
आग बुझने के बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हुआ और मटकी फोड़ की रस्म भी पूरी की गई।
मुरैना हादसे ने छोड़ा बड़ा सवाल
जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान देर रात तक बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर रहते हैं। ऐसे में आयोजन स्थलों के आसपास यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी बेहद अहम हो जाती है।
मुरैना की घटना में तीन जानें चली गईं। अब पुलिस की जांच से ही पता चलेगा कि हादसे की असल वजह क्या थी और इसके लिए कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार रहीं।
