ग्वालियर में पान मसाला कारोबार पर DGCI की नजर, ‘सेठ प्रोडक्ट’ में जांच; पैकिंग और रिकॉर्ड खंगाले
ग्वालियर में पान मसाला कारोबार से जुड़ी बताई जा रही ‘सेठ प्रोडक्ट’ फर्म पर जबलपुर DGCI की टीम ने सर्चिंग की। टीम ने ऑटोमैटिक पैकिंग और कारोबारी रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। टैक्स चोरी या अन्य अनियमितता की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही होगी।

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ग्वालियर में पान मसाला कारोबार से जुड़ी एक फर्म पर जांच एजेंसी की कार्रवाई से कारोबारियों में हलचल है। जबलपुर से पहुंची DGCI की टीम ने सेठ प्रोडक्ट परिसर में सर्चिंग की और पान मसाला की पैकिंग प्रक्रिया के साथ कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। टीम के पास पान मसाला पाउच की ऑटोमैटिक पैकिंग को लेकर इनपुट होने की जानकारी सामने आई है।
ऑटोमैटिक पैकिंग को लेकर मिला था इनपुट
जबलपुर की DGCI टीम को ग्वालियर में पान मसाला की पैकिंग से जुड़ी संभावित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर टीम ग्वालियर पहुंची। स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से फर्म परिसर में जांच शुरू की गई।
अधिकारियों ने वहां इस्तेमाल होने वाली पैकिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके साथ ही फर्म के उपलब्ध दस्तावेज और कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए।
‘सेठ प्रोडक्ट’ के प्रोपराइटर ने गोपी पान मसाला से संबंध से किया इनकार
जांच जिस फर्म में हुई, उसका नाम सेठ प्रोडक्ट बताया गया है। इसके प्रोपराइटर ओमप्रकाश गुप्ता बताए गए हैं। हालांकि, गोपी पान मसाला के साथ फर्म के संबंध को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
ओमप्रकाश गुप्ता ने गोपी पान मसाला की फर्म को अपना बताने से इनकार किया है। उन्होंने इस संबंध में जानकारी होने से भी इनकार किया। अब जांच के दौरान मिले रिकॉर्ड से ही दोनों के बीच कारोबारी संबंधों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पान मसाला कारोबार में छोटे ब्रांड भी बढ़े
ग्वालियर के बाजार में इन दिनों कई छोटे पान मसाला ब्रांड नजर आ रहे हैं। पान की दुकानों और ठेलों पर इनकी बिक्री भी देखने को मिल रही है। इन उत्पादों के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई नेटवर्क को लेकर कई बार जानकारी सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं होती।
ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए सिर्फ तैयार उत्पाद ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण और पैकिंग से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल भी अहम हो जाती है।
टैक्स चोरी की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल DGCI की कार्रवाई को जांच के तौर पर देखा जा रहा है। टैक्स चोरी या किसी अन्य वित्तीय अनियमितता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। टीम द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य जानकारी के विश्लेषण के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।
