मणिपुर में NRC-Census विवाद के बीच 48 घंटे का बंद, स्कूल-कॉलेज बंद; जानिए क्यों हो रहा प्रदर्शन
मणिपुर में Census से पहले National Register of Citizens (NRC) अपडेट करने की मांग को लेकर 48 घंटे का बंद जारी है। आंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। कई इलाकों में प्रदर्शन और रैलियों के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

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इंफाल: मणिपुर में National Register of Citizens यानी NRC को Census से पहले अपडेट करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। 48 घंटे के बंद के बीच राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
यह आंदोलन ऐसे समय हो रहा है जब राज्य में Census और भविष्य की delimitation प्रक्रिया को लेकर बहस तेज है। आंदोलनकारी संगठनों की मांग है कि Census की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले NRC को अपडेट किया जाए।
क्यों बुलाया गया 48 घंटे का बंद?
Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) ने NRC को Census से पहले अपडेट करने की मांग को लेकर 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
संगठन का कहना है कि राज्य में जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों और भविष्य की delimitation प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड स्पष्ट होने चाहिए।
इसी मांग को लेकर अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गई हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद
आंदोलन और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार के Education Department ने शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
आदेश सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी शिक्षण संस्थानों पर लागू है। इसमें स्कूलों के साथ कॉलेज और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं।
कई इलाकों में प्रदर्शन
बंद के दौरान मणिपुर के घाटी क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
कुछ स्थानों पर राजनीतिक नेताओं के पुतले जलाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। बंद के कारण बाजार, यातायात और दूसरी सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा है।
Census और Delimitation से क्यों जुड़ा है मामला?
मणिपुर में NRC की मांग नागरिकता के सवाल के साथ Census और भविष्य में होने वाली delimitation प्रक्रिया से भी जुड़ गई है।
Delimitation में जनसंख्या के आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण आंदोलनकारी संगठन Census से पहले NRC update किए जाने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि NRC, Census और delimitation अलग-अलग कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं। इनके संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं के स्तर पर लिया जाता है।
प्रशासन की स्थिति पर नजर
48 घंटे के बंद और प्रदर्शनों के बीच प्रशासन कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
आंदोलन और सरकार की ओर से आने वाले अगले कदम पर नजर रहेगी।

