लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर सिंह कनाडा से डिपोर्ट, 2012 के हत्या केस में था फरार
पंजाब में 2012 के एक हत्या मामले में आरोपी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े करमवीर सिंह को कनाडा से डिपोर्ट कर दिया गया है। पिता की मौत के बाद 2019 में जमानत मिलने के बाद वह केस लंबित रहते हुए भारत छोड़कर चला गया था। एजीटीएफ ने 3 सितंबर को उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था।

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करमवीर सिंह पर क्या आरोप हैं
करमवीर सिंह पर 2012 में पंजाब में एक राजनीतिक हस्ती की हत्या के मामले में आरोप लगा था। वह लंबे समय तक हिरासत में रहा। 2019 में पिता की मौत के बाद उसे जमानत मिली, और इसके बाद वह मामला अदालत में लंबित रहते हुए ही भारत से बाहर निकल गया।
अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, जबरन वसूली और हथियार से जुड़े अपराधों का व्यापक आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।
एजीटीएफ का लुक-आउट सर्कुलर
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 3 सितंबर को करमवीर सिंह के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। इसी के आधार पर उसकी पहचान और ट्रैकिंग को आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद कनाडा से उसे डिपोर्ट किए जाने की कार्रवाई हुई।
बिश्नोई नेटवर्क से जुड़े दावे
कनाडा और अमेरिका की अदालती फाइलिंग्स के साथ-साथ एफबीआई के दस्तावेजों में दावा किया गया है कि करमवीर सिंह बिश्नोई नेटवर्क के लिए एक लॉजिस्टिक ऑपरेटर की भूमिका निभा रहा था। इन दस्तावेजों में आरोप है कि उसने कैलिफोर्निया में अनमोल बिश्नोई को शरण और सहयोग दिया, गैंग के सदस्यों को अमेरिका में दाखिल होने में मदद की, और उस पर 2024 में गायक एपी ढिल्लों के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित घर पर हुई फायरिंग और आगजनी की घटना का निर्देशन करने का शक है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी दावे अभी आरोप के स्तर पर हैं। करमवीर सिंह पर कनाडा में किसी अपराध को लेकर औपचारिक रूप से आरोप तय नहीं हुए हैं।
सीएम भगवंत मान की प्रेस कॉन्फ्रेंस
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पुलिस ने अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक विदेश से कुल 10 भगोड़ों को डिपोर्ट कराया जा चुका है।
