मेहनत पर सवाल नहीं, चरित्र पर निशाना क्यों? कंगना रनौत ने आलोचकों को दिया करारा जवाब
कंगना रनौत ने डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में अपनी उपलब्धियों को कम आंकने और सोशल मीडिया पर निजी व चरित्र से जुड़े आरोप लगाने वालों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के बाद राजनीति में भी उन्हें कई बार आउटसाइडर जैसा महसूस होता है।

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बॉलीवुड से संसद तक का सफर तय करने वाली कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री से सांसद बनी कंगना ने उन लोगों पर नाराजगी जताई है, जो उनकी मेहनत और उपलब्धियों की बजाय उनके निजी जीवन और चरित्र को लेकर सवाल उठाते हैं। डीडी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ रोजाना ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिनमें व्यक्तिगत और आपत्तिजनक बातें कही जाती हैं।
कंगना के मुताबिक, इन वीडियो को लाखों-करोड़ों लोग देखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी के काम की आलोचना करना अलग बात है, लेकिन किसी की निजी जिंदगी और चरित्र को निशाना बनाना उन्हें परेशान करता है।
जिस मुकाम को पाने में साल लगे, उसे एक झटके में क्यों भुला दिया जाता है?
कंगना ने कहा कि लोग अक्सर उनकी उपलब्धियों को कम करके आंकने की कोशिश करते हैं। उनसे यह भी पूछा जाता है कि आखिर वह इस मुकाम तक कैसे पहुंचीं।
इस पर कंगना का कहना है कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया है। उनके मुताबिक, आज वह जिस स्थिति में हैं, उसके पीछे उनकी मेहनत, योग्यता और वर्षों का संघर्ष है।
कंगना ने साफ संकेत दिया कि उन्हें अपनी उपलब्धियों के लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।
फिल्म इंडस्ट्री के बाद राजनीति में भी महसूस हुआ ‘आउटसाइडर’ जैसा
कंगना के लिए बॉलीवुड का सफर आसान नहीं रहा। अब राजनीति में आने के बाद भी उनका कहना है कि उन्हें कई बार बाहरी व्यक्ति की तरह महसूस कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह फिल्म इंडस्ट्री में उनके फैसलों और सफर पर सवाल उठते रहे, उसी तरह राजनीति में भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कंगना का कहना है कि राजनीति में आने से भी कई लोगों को आपत्ति हुई, लेकिन वह आलोचनाओं से पीछे हटने वाली नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर रोज होते हैं निजी हमले
कंगना ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में रोजाना ऐसे वीडियो और टिप्पणियां सामने आती हैं, जिनका उनके काम से कोई लेना-देना नहीं होता।
उनके मुताबिक, इन कंटेंट में व्यक्तिगत आरोप लगाए जाते हैं और उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं। सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि ऐसे वीडियो बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं।
कंगना ने अपनी बात रखते हुए यह सवाल भी खड़ा किया कि किसी महिला की उपलब्धियों पर बात करने के बजाय उसके निजी जीवन को चर्चा का विषय क्यों बनाया जाता है।
‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी में किस पर था निशाना?
इंटरव्यू के दौरान कंगना ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP को लेकर भी इशारों में टिप्पणी की। उन्होंने कॉकरोच और तितली का उदाहरण देते हुए कहा कि कॉकरोच को लोग हाथ में लेने के बजाय चप्पल से मारते हैं, जबकि तितली के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं।
कंगना की इस टिप्पणी को उनके पुराने सोशल मीडिया विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ कंगना का पहले भी सोशल मीडिया पर विवाद सामने आ चुका है।
कंगना के बयान ने फिर छेड़ी सोशल मीडिया पर बहस
कंगना के इस इंटरव्यू के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनके समर्थक इसे आलोचकों को दिया गया जवाब बता रहे हैं, जबकि विरोधी उनके बयानों पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि कंगना ने अपने पक्ष को लेकर साफ संदेश दिया है कि आलोचना उनके काम की हो तो वह उसे स्वीकार कर सकती हैं, लेकिन निजी जिंदगी और चरित्र को निशाना बनाना उन्हें मंजूर नहीं है।
‘मेरी पहचान मेरे संघर्ष से बनी है’
कंगना की बातों का सार यही है कि उनकी पहचान किसी एक विवाद, सोशल मीडिया पोस्ट या आलोचना से नहीं बनी। फिल्मों में अपने दम पर जगह बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा और अब सांसद के तौर पर अपनी भूमिका निभा रही हैं।
उनका कहना है कि उपलब्धियों को नजरअंदाज कर लगातार चरित्र पर सवाल उठाना किसी भी व्यक्ति के लिए तकलीफदेह हो सकता है।
कंगना ने जिस बेबाकी के लिए अपनी पहचान बनाई है, उसी अंदाज में उन्होंने एक बार फिर अपने आलोचकों को जवाब दिया है। उनका संदेश साफ है—किसी इंसान की पूरी कहानी उसके खिलाफ चल रहे सोशल मीडिया कंटेंट से नहीं, बल्कि उसके काम, संघर्ष और सफर से तय होनी चाहिए।
