जन पोषण केंद्रों पर राशन संकट: तय समय में वाहन प्रवेश न होने से रक्षाबंधन पर उपभोक्ता गेहूं को तरसे
इंदौर के जन पोषण केंद्रों पर रक्षाबंधन के मौके पर गेहूं की किल्लत। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश की तय समय सीमा और बार बार सर्वर डाउन होने से राशन वितरण प्रभावित, उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर।

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इंदौर। शहर के जन पोषण केंद्रों पर रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले राशन को लेकर अव्यवस्था सामने आई है। केंद्रों तक राशन पहुंचाने वाले हैवी वाहनों के शहर में प्रवेश की एक तय समय सीमा है। इस वजह से केंद्रों पर गेहूं समय पर नहीं पहुंच पा रहा और उपभोक्ताओं को त्यौहार के दिन भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
गेहूं की जगह चावल, वो भी सर्वर के भरोसे
केंद्र संचालकों की ओर से उपभोक्ताओं को फिलहाल चावल लेकर जाने और गेहूं आने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन इस प्रक्रिया में भी सर्वर के बार बार डाउन होने से राशन वितरण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। नतीजा यह है कि केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।
जरूरी काम छोड़कर लाइन में लोग
त्यौहार से पहले जरूरी काम छोड़कर लोग घंटों लाइन में खड़े होकर घर के लिए राशन जुटाने की जुगत में हैं। इसके बावजूद किसी को गेहूं नहीं मिल रहा, किसी को चावल नहीं। सर्वर डाउन रहने की स्थिति में कई उपभोक्ताओं को दोनों में से कुछ भी नहीं मिल पाया और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
अधिकारियों ने पल्ला झाड़ा
केंद्र संचालकों ने इस समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की। लेकिन अधिकारियों ने वाहनों के शहर में प्रवेश से जुड़े यातायात नियमों का हवाला देकर मामले से दूरी बना ली। इससे संचालकों और उपभोक्ताओं दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
महंगाई के बीच त्यौहार पर भी राहत नहीं
पहले से महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए यह संकट रक्षाबंधन जैसे त्यौहार पर और भारी पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी राशन न मिलने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ देखी जा सकती है।

