इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम जॉब का झांसा, छात्रा से 45 हजार ठगे; रजिस्ट्रेशन से इनकम टैक्स तक के नाम पर वसूली
इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके में एक छात्रा ऑनलाइन नौकरी के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गई। कथित जॉब एजेंटों ने अलग-अलग चार्ज बताकर उससे कई बार भुगतान कराया, लेकिन नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर नहीं मिला।

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इंदौर में घर बैठे नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक छात्रा से करीब 45 हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। छात्रा ने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम और पार्ट टाइम जॉब का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने के बाद कथित रिक्रूटर्स ने पहले रजिस्ट्रेशन, फिर लैपटॉप और इंश्योरेंस के नाम पर रकम जमा कराई। इसके बाद पेमेंट अटकने और इनकम टैक्स क्लियरेंस जैसी वजहें बताकर दोबारा पैसे मांगे गए। जब छात्रा ने नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर मांगा और रकम वापस करने को कहा तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
इंस्टाग्राम का विज्ञापन बना ठगी का रास्ता
राजेंद्र नगर पुलिस के मुताबिक छात्रा सलोनी ने शिकायत में बताया कि 13 सितंबर को वह इंस्टाग्राम चला रही थी। इसी दौरान उसकी नजर वर्क फ्रॉम होम जॉब के विज्ञापन पर पड़ी। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उसका मोबाइल नंबर संबंधित लोगों तक पहुंच गया।
कुछ समय बाद एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को रिक्रूटर बताया और कहा कि उसका नंबर नौकरी के लिए शॉर्टलिस्ट हुआ है। बातचीत के बाद रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर उससे 1500 रुपए ट्रांसफर कराए गए।
नौकरी पक्की बताकर लैपटॉप और इंश्योरेंस की रकम ली
अगले दिन छात्रा को दूसरे नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को नामी एजुकेशनल कंपनी बायजू का प्रतिनिधि बताया। शिकायत के मुताबिक उसने नौकरी पक्की होने की बात कही और कंपनी की तरफ से लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराने का दावा किया।
इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 9600 रुपए जमा करवाए गए। इसके बाद छह महीने के इंश्योरेंस के नाम पर छात्रा से 4800 रुपए और लिए गए।
पेमेंट नहीं दिख रहा कहकर फिर जमा करवाए पैसे
कुछ समय बाद आरोपियों की ओर से फिर फोन आया। उन्होंने छात्रा से कहा कि आधा पेमेंट होने के कारण सिस्टम में उसकी एंट्री दिखाई नहीं दे रही है। इसी बहाने पहले 4800 रुपए और फिर 9600 रुपए जमा करवाए गए।
इसके बाद एक अन्य नंबर से संपर्क किया गया और इनकम टैक्स क्लियरेंस के नाम पर 14,900 रुपए और ट्रांसफर करा लिए गए। इस तरह अलग-अलग मदों के नाम पर छात्रा से रकम ली जाती रही।
अपॉइंटमेंट लेटर नहीं मिला तो हुआ शक
लगातार भुगतान करने के बाद भी छात्रा को नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर नहीं मिला। दूसरी ओर आरोपियों की ओर से नए-नए कारण बताकर पैसे मांगे जाते रहे। इसके बाद सलोनी को पूरे मामले पर संदेह हुआ।
उसने आरोपियों से रकम वापस करने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया गया। संपर्क नहीं होने पर छात्रा ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनके जरिए छात्रा से भुगतान कराया गया।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंस्टाग्राम पर दिखा जॉब विज्ञापन किसने जारी किया था और छात्रा से संपर्क करने वाले लोग वास्तव में किस नेटवर्क से जुड़े हैं। मामले में आरोपियों की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।