पोस्टर का वीडियो बनाया, फिर मारपीट का आरोप; इंदौर में दंपति गांधी प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठा
इंदौर में सोशल एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय अवैध होर्डिंग-पोस्टर के खिलाफ रीगल चौराहे पर उपवास पर बैठे हैं। प्रहलाद का आरोप है कि मरीमाता चौराहे पर पोस्टर-बैनर का वीडियो बनाने के दौरान विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और डिवाइस ले लिया।

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इंदौर में अवैध होर्डिंग और पोस्टर का मुद्दा एक बार फिर सड़क पर पहुंच गया है। सोशल एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय अपनी पत्नी संगीता पांडेय के साथ रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठ गए हैं। दंपति का कहना है कि शहर में लगे अवैध होर्डिंग-पोस्टरों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका उपवास जारी रहेगा।
इससे पहले बुधवार शाम मरीमाता चौराहे पर पोस्टर-बैनर का वीडियो बनाते समय विवाद होने का प्रहलाद पांडेय ने आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इसी दौरान विधायक गोलू शुक्ला के कुछ समर्थक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका डिवाइस ले लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पोस्टर-बैनर का वीडियो बना रहे थे प्रहलाद
प्रहलाद पांडेय के मुताबिक, वे बुधवार शाम मरीमाता चौराहे पहुंचे थे। वहां लगे बैनर और पोस्टरों को लेकर वे वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। वीडियो में वे कथित अवैध होर्डिंग-पोस्टरों का मुद्दा उठा रहे थे।
इसी दौरान विवाद की स्थिति बनने का उनका दावा है। प्रहलाद ने आरोप लगाया कि विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और रिकॉर्डिंग करने वाला डिवाइस भी अपने पास रख लिया।
मामले में दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे
प्रहलाद पांडेय घटना के बाद रीगल चौराहे पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो/पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। इसके बाद पत्नी संगीता के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर उपवास शुरू कर दिया।
जानकारी मिलने पर उनके परिचित भी मौके पर पहुंचे और दंपति के समर्थन में खड़े हुए।
प्रहलाद का कहना है कि उनका विरोध किसी एक जगह तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में अवैध होर्डिंग और पोस्टर लगे हुए हैं और जिम्मेदार विभागों को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कार्रवाई होने तक उपवास का ऐलान
दंपति ने कहा है कि जब तक शहर में लगे अवैध होर्डिंग-पोस्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे उपवास जारी रखेंगे।
प्रहलाद ने इसे संबंधित लोगों की "बुद्धि की शुद्धि" के लिए किया जा रहा उपवास भी बताया है। उनका कहना है कि शहर की सार्वजनिक जगहों पर नियमों के विपरीत लगाए गए प्रचार सामग्री पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
अब इस विरोध के बाद नगर निगम और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह देखना अहम होगा।
कुछ महीने पहले मंत्री के घर के बाहर भी पहुंचे थे
प्रहलाद पांडेय और संगीता पांडेय इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे हैं। कुछ महीने पहले दोनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे थे।
दंपति का कहना था कि वे मंत्री के कुछ बयानों से आहत होकर वहां पहुंचे हैं। उस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात था और पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी।
प्रहलाद के सड़क पर बैठने के बाद पुलिस उन्हें वहां से उठाकर ले गई थी। इसके बाद दंपति के खिलाफ कार्रवाई हुई और उन्हें जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब फिर सड़क पर विरोध
पिछली घटना के बाद एक बार फिर प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी सार्वजनिक जगह पर विरोध कर रहे हैं। इस बार मुद्दा शहर में लगे अवैध होर्डिंग-पोस्टर हैं और दंपति ने कार्रवाई होने तक उपवास जारी रखने की बात कही है।
मरीमाता चौराहे की घटना में लगाए गए मारपीट और डिवाइस ले जाने के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल यह विवाद अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ शुरू हुए विरोध और उसके दौरान हुए कथित टकराव, दोनों को लेकर चर्चा में है।

