एसपी ऑफिस में पानी में जहर? रेप पीड़िता का कॉन्स्टेबल पर गंभीर आरोप, FIR के बाद आरोपी फरार
इंदौर में जीआरपी के कॉन्स्टेबल रितेश शर्मा पर रेप पीड़िता ने पानी में जहर मिलाकर पिलाने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, समझौते की बात के बहाने उसे एसपी ऑफिस बुलाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद FIR दर्ज की है और आरोपी की तलाश जारी है।

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इंदौर में एक रेप पीड़िता ने जीआरपी में पदस्थ कॉन्स्टेबल पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। 28 वर्षीय महिला का आरोप है कि कॉन्स्टेबल रितेश शर्मा ने समझौते की बात करने के बहाने उसे जीआरपी एसपी ऑफिस परिसर में बुलाया और पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़िता की शिकायत और जांच के बाद छोटी ग्वालटोली पुलिस ने रितेश शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
पहले से दर्ज है दुष्कर्म का मामला
पीड़िता गुना की रहने वाली 28 वर्षीय महिला है। उसके मुताबिक, रितेश शर्मा के खिलाफ गुना थाने में पहले ही शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया जा चुका है। रितेश शर्मा भूरी टेकरी स्थित जीआरपी क्वार्टर का निवासी बताया गया है।
पीड़िता का कहना है कि इस मामले में आरोपी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। जमानत के बाद वह वॉट्सऐप के जरिए उससे संपर्क करता रहा और समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश करता था।
सरवटे बस स्टैंड पर बदसलूकी का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में 2 अगस्त की एक घटना का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, वह सरवटे बस स्टैंड के पास चाय पी रही थी, तभी रितेश वहां पहुंचा।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ बदसलूकी की, सरेराह उसके कपड़े खींचे और धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, रितेश ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
महिला का यह भी आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उस पर हनीट्रैप से जुड़े गंभीर आरोप लगाए।
मीटिंग के बहाने एसपी ऑफिस बुलाने का दावा
पीड़िता के मुताबिक, इसके बाद रितेश ने समझौते के संबंध में बातचीत करने के लिए उसे इंदौर स्थित जीआरपी एसपी ऑफिस परिसर में बुलाया।
महिला का आरोप है कि वहां दोनों टेबल पर बैठे और रितेश ने उसे पीने के लिए पानी दिया। उसके मुताबिक, इसी पानी में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। पानी देने के बाद आरोपी मीटिंग का बहाना बनाकर वहां से चला गया।
कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत
पीड़िता के अनुसार, पानी पीने के कुछ समय बाद उसे घबराहट होने लगी और उसकी हालत बिगड़ गई। वह एसपी ऑफिस परिसर में ही गिर गई।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। पीड़िता का दावा है कि अस्पताल में उसका करीब 15 दिनों तक इलाज चला।
जांच के बाद दर्ज हुई FIR
इलाज के बाद पीड़िता ने डॉक्टरों और पुलिस के सामने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और रितेश शर्मा पर जहरीला पदार्थ देकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
छोटी ग्वालटोली पुलिस ने शिकायत, उपलब्ध जानकारी और जांच के आधार पर आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ धमकाने तथा जान से मारने की नीयत से जहर देने के आरोप में FIR दर्ज की है। पुलिस अब आरोपी की तलाश के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल पानी में वास्तव में कौन-सा पदार्थ था, वह कैसे मिला और पीड़िता को देने की घटना किस तरह हुई, इन बिंदुओं की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।