फेसबुक पर ड्राय फ्रूट का विज्ञापन, कोड बताते ही खाते से 91 हजार साफ; AI से बनाया फर्जी रिफंड स्क्रीनशॉट
इंदौर में फेसबुक पर ड्राय फ्रूट का विज्ञापन देखकर ऑर्डर करना एक महिला को भारी पड़ गया। आरोपी ने रिफंड का भरोसा दिलाकर कोड कॉपी-पेस्ट करवाया और खाते से 91 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। बाद में AI से तैयार फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर रकम लौटाने का झांसा दिया।

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इंदौर के कनाड़िया इलाके में फेसबुक पर दिखे ड्राय फ्रूट के विज्ञापन से शुरू हुई बातचीत साइबर ठगी में बदल गई। गुरविंदर कौर ने अंजीर और बादाम का ऑर्डर किया था, लेकिन रिफंड के नाम पर भेजे गए कोड के झांसे में आने के बाद उनके खाते से 91 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए।
ठगी के बाद आरोपी ने रकम वापस करने का भरोसा बनाए रखने के लिए 91 हजार रुपए लौटाए जाने का फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजा। बैंक खाते में पैसा नहीं आने पर महिला को ठगी का पता चला। शिकायत के बाद कनाड़िया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन देखकर किया था 1500 रुपए का ऑर्डर
पुलिस के मुताबिक, गुरविंदर कौर ने 10 सितंबर को फेसबुक पर ‘श्रीराम ड्राय फ्रूट’ नाम से अंजीर और बादाम का विज्ञापन देखा था।
विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी ने होम डिलीवरी के लिए 1500 रुपए ऑनलाइन भुगतान करने को कहा। भुगतान के बाद महिला को वॉट्सऐप पर ऑर्डर कन्फर्म होने का संदेश भी मिला।
शुरुआत में पूरा लेन-देन सामान्य लगा, लेकिन दो दिन बाद आरोपी ने दोबारा संपर्क किया।
पहले छोटा रिफंड देकर बनाया भरोसा
12 सितंबर को आरोपी ने वॉट्सऐप कॉल कर खुद को ट्रेडर बताया। उसने महिला से कहा कि ऑनलाइन ऑर्डर का भुगतान वापस किया जा रहा है और अब सामान कैश ऑन डिलीवरी के जरिए भेजा जाएगा।
भरोसा कायम करने के लिए आरोपी ने पहले छोटी रकम वापस करने की बात कही। महिला के मुताबिक, इसके बाद पेटीएम के जरिए 11 रुपए लौटाए गए।
यहीं से ठगी का अगला चरण शुरू हुआ।
1500 रुपए वापस करने के नाम पर भेजा कोड
महिला का आरोप है कि आरोपी ने इसके बाद 1500 रुपए वापस करने के नाम पर एक कोड भेजा और उसे कॉपी-पेस्ट करने के लिए कहा।
उसे बताया गया कि 1500 रुपए टाइप करने के बाद इतनी ही रकम उसके खाते में वापस आ जाएगी। इसके बाद आरोपी ने एक और कोड भेजा और 3 हजार रुपए वापस आने की बात कही।
महिला को इसकी भनक तक नहीं लगी कि रिफंड के नाम पर उससे ऐसी जानकारी साझा कराई जा रही है, जिसका इस्तेमाल खाते से रकम निकालने के लिए किया जा सकता है।
देखते ही देखते 91 हजार रुपए ट्रांसफर
कोड डालने के बाद महिला के खाते से अचानक 45 हजार रुपए निकल गए। इसके बाद लगातार ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे।
महिला के मुताबिक, कुछ ही देर में उसके खाते से कुल 91 हजार रुपए ट्रांसफर हो चुके थे।
घटना की जानकारी मिलने पर उसने अपने पति को बुलाया। दोनों ने आरोपी से संपर्क कर रकम वापस करने की कोशिश की।
AI से बनाया फर्जी रिफंड स्क्रीनशॉट
महिला के पति ने आरोपी से फोन पर बात की और रकम लौटाने को कहा। इस पर आरोपी ने एक स्कैनर भेजने की बात कही, जिसके जरिए पैसे वापस करने का दावा किया।
इसके बाद आरोपी ने 91 हजार रुपए वापस किए जाने का स्क्रीनशॉट बनाकर वॉट्सऐप पर भेज दिया।
महिला ने जब अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें कोई रकम जमा नहीं हुई थी। इसके बाद उसे समझ आया कि भेजा गया स्क्रीनशॉट असली नहीं था।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि स्क्रीनशॉट AI की मदद से तैयार किया गया था।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद FIR
ठगी का पता चलने के बाद गुरविंदर कौर ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कनाड़िया पुलिस ने गुरुवार को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस अब ट्रांजैक्शन की जानकारी, मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप बातचीत और भुगतान से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में एक बार फिर साइबर ठगी के उस तरीके पर सवाल उठता है, जिसमें ठग सीधे बैंकिंग पासवर्ड मांगने के बजाय रिफंड, कैशबैक या पेमेंट वापस करने का भरोसा देकर लोगों से डिजिटल प्रक्रिया पूरी करवाते हैं।