
हर दिन 26 करोड़ से ज्यादा ‘संदिग्ध’ कॉल-मैसेज! 3 महीने का आंकड़ा देख चौंक जाएंगे, TRAI ने बताया फोन पर कैसे फैल रहा स्पैम
अप्रैल-जून 2026 के बीच भारत में 24.4 अरब से ज्यादा कॉल और SMS संभावित स्पैम के रूप में फ्लैग हुए। कार्रवाई में हजारों कनेक्शन बंद किए गए और 263 बल्क सेंडर्स ब्लैकलिस्ट हुए।

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नई दिल्ली। आपका फोन बजा, सामने अनजान नंबर था। कभी KYC अपडेट करने की बात, कभी लोन का ऑफर, कभी बैंक अकाउंट बंद होने का डर और कभी इनाम का लालच। ऐसी कॉल को हम अक्सर काटकर भूल जाते हैं, लेकिन जब तीन महीने का पूरा हिसाब सामने आया तो संख्या अरबों में निकली। TRAI के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के बीच देश में 24.4 अरब से ज्यादा कॉल और SMS संभावित स्पैम के तौर पर फ्लैग किए गए। औसत निकालें तो हर दिन करीब 26.6 करोड़ कम्युनिकेशन AI आधारित सिस्टम की नजर में संदिग्ध पाए गए।
सबसे बड़ा हिस्सा फोन कॉल्स का
तीन महीनों में करीब 22.99 अरब इनकमिंग कॉल संभावित स्पैम के रूप में पहचानी गईं। इसके अलावा लगभग 1.44 अरब SMS भी फ्लैग किए गए। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में कुल आने वाली कॉल्स में करीब 3.2% संभावित स्पैम की श्रेणी में आईं।
इन आंकड़ों का अर्थ यह नहीं है कि फ्लैग की गई हर कॉल साइबर फ्रॉड ही थी। AI सिस्टम कॉलिंग और मैसेजिंग पैटर्न के आधार पर संभावित स्पैम की पहचान करता है। असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर नंबर या टेलीकॉम रिसोर्स को जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
AI देख रहा—एक नंबर से कितनी बार और कैसे हो रही कॉल
अरबों कॉल की इंसानी स्तर पर जांच संभव नहीं है, इसलिए टेलीकॉम कंपनियां AI और डेटा एनालिसिस का सहारा ले रही हैं। सिस्टम यह देखता है कि किसी नंबर से कितनी कॉल की जा रही हैं, किस तरह के पैटर्न में संपर्क किया जा रहा है और SMS भेजने की गतिविधि सामान्य व्यवहार से कितनी अलग है।
इसी निगरानी का मकसद ऐसे नंबरों की पहचान करना है जिनसे बड़ी मात्रा में अनचाही या संदिग्ध कॉलिंग की जा रही हो।
1.83 लाख से ज्यादा टेलीकॉम रिसोर्स पर कार्रवाई
सिर्फ पहचान ही नहीं, नियम तोड़ने वाले कनेक्शनों पर कार्रवाई भी हुई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1.83 लाख से ज्यादा टेलीकॉम रिसोर्सेज कार्रवाई के दायरे में आए। इनमें करीब 1.37 लाख नंबरों को पहली बार उल्लंघन पर 15 दिनों के लिए बंद किया गया।
बार-बार नियम तोड़ने वाले 46,786 कनेक्शन एक साल के लिए डिस्कनेक्ट किए गए। इसके अलावा 263 बल्क सेंडर्स ब्लैकलिस्ट किए गए और 2,873 SMS हेडर्स को ब्लॉक करने की कार्रवाई हुई।
स्पैम का खतरा सिर्फ ‘परेशान करने वाली कॉल’ तक नहीं
हर अनचाही कॉल ठगी नहीं होती, लेकिन साइबर अपराधी इसी रास्ते का इस्तेमाल लोगों तक पहुंचने के लिए भी करते हैं। बैंक अधिकारी या कंपनी प्रतिनिधि बनकर KYC, क्रेडिट कार्ड, लोन, बिजली बिल अथवा UPI के नाम पर जानकारी मांगना पुराने लेकिन लगातार इस्तेमाल हो रहे तरीकों में शामिल है।
इसीलिए असली खतरा फोन बजने में नहीं, बल्कि उस कॉल पर भरोसा करके OTP, UPI PIN, बैंकिंग जानकारी या दूसरी संवेदनशील जानकारी साझा करने में है।
फोन पर कोई डराए या लालच दे तो पहले पहचान जांचें
अनजान कॉलर अगर तत्काल भुगतान का दबाव बनाए, बैंक अकाउंट बंद होने का डर दिखाए या OTP और UPI PIN मांगे तो सावधान रहना जरूरी है। बैंक या संबंधित संस्था से उसके आधिकारिक माध्यम से अलग से संपर्क कर दावे की पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।
24.4 अरब का आंकड़ा एक बात साफ करता है—स्पैम अब कुछ अनजान नंबरों की छोटी परेशानी भर नहीं रह गया। उससे निपटने के लिए AI नेटवर्क पर नजर रख रहा है, लेकिन फोन की दूसरी तरफ बैठा व्यक्ति सतर्क न हो तो तकनीक की सुरक्षा भी अधूरी रह सकती है।




