
"खसम पूजन दिवस" कहकर क्या कहना चाहते थे धीरेंद्र शास्त्री? करवा चौथ पर बयान चर्चा में
शिवपुरी के करैरा में कथा सुना रहे धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को हंसी-हंसी में नया नाम दे दिया। मजाक के साथ उन्होंने एक काम की बात भी कही: व्रत वाली श्रद्धा और प्यार सिर्फ एक दिन नहीं, साल भर रिश्ते में दिखना चाहिए।

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करैरा (शिवपुरी): करवा चौथ की तैयारियों के बीच बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा सुना रहे शास्त्री ने इस व्रत को अपने अंदाज में एक नया नाम दे दिया। इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को है।
आखिर हुआ क्या
कथा के दौरान "सीधी बात" नाम का सवाल-जवाब सत्र चलता है। वायरल वीडियो के मुताबिक, इसी सत्र में एक श्रद्धालु ने करवा चौथ के व्रत पर सवाल पूछ लिया। शास्त्री ने जवाब की शुरुआत मजाक से की और करवा चौथ को "खसम पूजन दिवस" कह दिया।
बाबा ने क्या कहा
शास्त्री का कहना था कि पत्नियां पति की लंबी उम्र के लिए एक दिन बड़े नियम और श्रद्धा से व्रत रखती हैं, लेकिन साल के बाकी 364 दिन पतियों को ताने सुनाती हैं। बताया जा रहा है कि अपनी बात को वजन देने के लिए उन्होंने ऐसे ताने का एक उदाहरण भी दिया, जिसमें शादी के मुहूर्त पर ही सवाल उठाया गया था।
मजाक के बाद काम की बात
बयान सिर्फ चुटकी पर खत्म नहीं हुआ। शास्त्री ने कहा कि व्रत के दिन पति की लंबी उम्र के लिए जितनी शिद्दत से प्रार्थना की जाती है, वैसा ही प्यार और सम्मान पूरे साल रिश्ते में दिखना चाहिए। उनके मुताबिक, तभी व्रत का असली मतलब पूरा होता है।
उन्होंने व्रत रखने की बात भी कही और जोड़ा कि पश्चिमी संस्कृति के इस दौर में सबको एक संकल्प जरूर लेना चाहिए। उनका जोर इस पर रहा कि करवा चौथ सिर्फ एक दिन की रस्म बनकर न रह जाए।
"खसम" शब्द का मतलब क्या है
आम बोलचाल में "खसम" का मतलब पति या शौहर होता है। हिंदी और उर्दू के अलावा पंजाबी और उत्तर भारत की कई बोलियों में यह शब्द चलता है। लोकगीतों, कहावतों और फिल्मी डायलॉग में भी यह सुनने को मिलता है। फर्क बस इतना है कि कहने के लहजे से इसका भाव बदल जाता है।
करैरा में कब तक चलेगी कथा
करैरा के बगीचा धाम स्थित श्रीराम राजा सरकार धाम में कथा 24 से 30 अक्टूबर तक चल रही है। रोज दोपहर 2 बजे से कथा होती है। 27 और 28 अक्टूबर को दिव्य दरबार लगा, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा का कार्यक्रम रखा गया है।
कथा के चौथे दिन भी शास्त्री का एक बयान चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि आजकल भगवान और भक्ति का भी ट्रेंड चल पड़ा है और लोग भगवान बदलते रहते हैं।


