जिम ट्रेनर की हत्या, 15 राउंड फायरिंग में 4 गोलियां लगीं; हिमांशु भाऊ गैंग के दावे से जांच में नया एंगल
दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट सामने आई है। पुलिस इस दावे की पुष्टि करने के साथ पुराने हत्याकांड से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

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दिल्ली के आया नगर में सोमवार सुबह जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस के मुताबिक, दो बाइक पर आए चार हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। विजय को चार गोलियां लगीं, जिनमें दो सिर में लगीं। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ के नाम से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पुलिस इस पोस्ट की सत्यता और हत्या से उसके संभावित संबंध की जांच कर रही है।
बच्चे के जरिए जिम से बाहर बुलाने का दावा
विजय के चाचा देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि विजय सुबह करीब 5 बजे जिम जाने के लिए घर से निकला था। करीब 10 बजे परिवार को उसकी हत्या की जानकारी मिली।
देवेंद्र के अनुसार, हमलावरों को जिम के आसपास लगे CCTV कैमरों की जानकारी थी। उनका दावा है कि पहचान छिपाने के लिए एक बच्चे के जरिए विजय को जिम से बाहर बुलाया गया।
परिवार के मुताबिक, चार हमलावरों में से दो बाइक पर मौजूद रहे, जबकि दो ने विजय पर गोलियां चलाईं। पुलिस अब CCTV फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों के जरिए इस दावे की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या दावा?
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ के नाम से एक पोस्ट सामने आई। इसमें वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया और धमकी भरे अंदाज में भागने के बजाय सामने आने की बात कही गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्ट में ‘भाऊ गैंग’ और ‘Since-2020’ जैसे शब्द लिखे गए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस पोस्ट को हत्या से जोड़कर कोई अंतिम पुष्टि नहीं की है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्ट वास्तव में किसने डाली और क्या उसका हत्या की साजिश या हमलावरों से कोई संबंध था।
दो साल पुराने हत्याकांड की भी जांच
इस वारदात की जांच में करीब दो साल पुराने एक हत्या मामले का एंगल भी सामने आया है। विजय के चाचा देवेंद्र के मुताबिक, आया नगर गांव में दो साल पहले विजय के छोटे भाई अजय के दोस्त दीपक ने अरुण नाम के युवक की हत्या की थी।
देवेंद्र के अनुसार, इस मामले में दीपक के साथ अजय और योगेश नाम के एक अन्य युवक को भी दोषी ठहराया गया था और तीनों तिहाड़ जेल में बंद हैं।
परिवार की ओर से यह भी बताया गया है कि अरुण के परिजनों को शक था कि इस पुराने मामले में अजय के साथ विजय की भी भूमिका रही थी। देवेंद्र का दावा है कि इसी वजह से विजय को पहले धमकियां मिल चुकी थीं।
पुलिस अब इन दावों और पुराने मामले के रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोमवार की हत्या का उससे कोई संबंध है या नहीं।
एक महीने में दूसरी बार गैंग के नाम से दावा
दिल्ली में करीब एक महीने के भीतर यह दूसरी घटना है, जिसमें हिमांशु भाऊ गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है।
3 सितंबर को नरेला के बांकनेर गांव में 55 वर्षीय डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी और कारोबारी पर कई गोलियां चलाई गई थीं।
उस मामले में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग समेत कई संभावित एंगल से जांच की गई। पुलिस ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े होने के संदेह में दो कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है।
अब दो वारदातों के पैटर्न पर नजर
आया नगर हत्याकांड के बाद जांच टीम अब घटनास्थल के CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट, हमलावरों की आवाजाही और पुराने विवाद से जुड़े तथ्यों को जोड़कर देख रही है।
साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि आया नगर और नरेला की घटनाओं में हमलावरों के तरीके, रेकी और वारदात के पैटर्न में कोई समानता है या नहीं।
फिलहाल विजय की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और सोशल मीडिया पर सामने आई जिम्मेदारी वाली पोस्ट का वारदात से कोई संबंध है या नहीं, इसका अंतिम जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।