इंदौर के भीलबड़ौली में हत्या का खुलासा: दोस्त ही निकला दोस्त का कातिल, 8 लाख के लेन-देन और महिला मित्र के फोन कॉल पर हुआ विवाद
इंदौर के गौतमपुरा क्षेत्र के भीलबड़ौली में किसान विष्णु तंवर की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि वारदात किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके करीबी दोस्त राहुल मंडलोई ने अंजाम दी। पुलिस के अनुसार 8 लाख रुपए के लेन-देन और एक महिला मित्र के बार-बार आ रहे फोन कॉल को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में पत्थर से वार कर हत्या तक जा पहुंची। आरोपी ने वारदात के बाद खून से सने कपड़े धोए और पुलिस से बचने के लिए कीटनाशक भी पी लिया।

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इंदौर के भीलबड़ौली में हत्या का खुलासा
इंदौर जिले के गौतमपुरा क्षेत्र स्थित भीलबड़ौली गांव में 45 वर्षीय किसान विष्णु तंवर की हत्या के मामले में पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि विष्णु के करीबी दोस्त राहुल मंडलोई ने की। जांच में सामने आया कि दोनों के बीच करीब 8 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था, और एक महिला मित्र के बार-बार आ रहे फोन कॉल ने इस विवाद को और भड़का दिया।
शराब की महफिल में शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर की रात विष्णु और राहुल ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान पैसों की बात छिड़ी और साथ ही एक महिला मित्र के फोन को लेकर भी कहासुनी हो गई, जिससे राहुल कथित तौर पर गुस्से में आ गया। इसके बाद दोनों स्कूटी से खेत से घर की ओर निकले। रास्ते में स्कूटी पत्थर पर फिसलने से दोनों गिर पड़े। पुलिस का दावा है कि यहीं दोबारा विवाद हुआ और राहुल ने पास पड़ा नुकीला पत्थर उठाकर विष्णु के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद कपड़े धोए, फिर सामान्य तरीके से सो गया
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी राहुल खेतों के रास्ते पैदल अपने घर पहुंचा। उसने खून से सने कपड़े धोए और फिर सामान्य तरीके से सो गया। अगली सुबह वह गांव में इस तरह घूमता रहा जैसे कुछ हुआ ही न हो। उधर खेत के रास्ते पर विष्णु का शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।
सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों ने खोली पोल
घटनास्थल से पुलिस को ई-स्कूटी, मोबाइल और अन्य सबूत मिले। जांच टीम ने मुक्तिधाम के पास स्थित शराब की दुकान से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें विष्णु और राहुल एक साथ नजर आए। डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस का शक राहुल पर गहराता चला गया।
पूछताछ से बचने कीटनाशक पिया, फिर हिरासत में लिया गया
पुलिस के मुताबिक बदनामी और गिरफ्तारी के डर से राहुल अपने खेत पर गया और कीटनाशक पी लिया। उसे इलाज के लिए इंदौर भेजा गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोमवार, 7 सितंबर की शाम पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में राहुल ने हत्या करना स्वीकार किया और पूरी वारदात का ब्योरा दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने वारदात से जुड़े कुछ सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल पत्थर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। आरोपी राहुल मंडलोई को न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
आठ लाख रुपए का लेन-देन, शराब और एक पल का गुस्सा, तीनों ने बरसों पुरानी दोस्ती को खूनी रिश्ते में बदल दिया। एक दोस्त की जान चली गई, दूसरा अब हत्या के आरोप में जेल की राह पर है।
