आजमगढ़ में पत्नी-बेटे और दो पुजारियों की हत्या, बच्चों को बनाया बंधक; पुलिस एनकाउंटर में आरोपी ढेर
आजमगढ़ के शंभुपुर गांव में पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की मौत के बाद आरोपी ने तीन बच्चों को घर में बंधक बना लिया। पुलिस के मुताबिक, बच्चों को छुड़ाने के दौरान आरोपी ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।

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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ही परिवार और पूजा कराने आए पुजारियों से जुड़ी वारदात के बाद कई घंटे तक पुलिस ऑपरेशन चला। शंभुपुर गांव में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार दी। इसके बाद वह तीन बच्चों को लेकर घर के अंदर बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी और पुलिस टीम पर भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के दौरान आरोपी के 10 वर्षीय बेटे को भी गोली लगने की जानकारी सामने आई है। गंभीर चोटों के चलते बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो बेटियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार शाम आजमगढ़ के शंभुपुर गांव में हुई। आरोपी अरविंद सिंह की पत्नी बबीता ने अपने पति के भाई की मौत के सिलसिले में घर पर पूजा का आयोजन कराया था।
पूजा के लिए दो पुजारी घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि अरविंद पहले से ही पूजा-पाठ को लेकर नाराज था। घर लौटने के बाद उसने पुजारियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। इसके बाद विवाद बढ़ा और उसने कथित तौर पर पत्नी और पूजा कराने आए पुजारियों पर गोली चला दी।
पुलिस के अनुसार, मारे गए पुजारियों में महेंद्र पाठक की पहचान हुई है। घटना के दौरान दो अन्य पुजारी वहां से भागने में सफल रहे।
हत्या के बाद बच्चों को घर में बंद किया
पत्नी और दोनों पुजारियों पर गोली चलाने के बाद आरोपी ने खुद को बच्चों के साथ घर में बंद कर लिया। पुलिस के अनुसार, उसके साथ तीन बच्चे थे और वह उन्हें बाहर नहीं आने दे रहा था।
इसके बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया। आरोपी से लगातार बातचीत कर उसे सरेंडर करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए कहा गया। करीब आठ घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच गतिरोध बना रहा।
आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, आरोपी बच्चों को कमरे में बंद करके उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी दौरान उसने बच्चों पर भी गोली चलाई।
गोली की आवाज के बाद पुलिस ने तोड़ा दरवाजा
पुलिस के मुताबिक, बंद घर से गोली चलने की आवाज आने के बाद ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया। टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मुठभेड़ में अरविंद सिंह को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस टीम उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटे को भी लगी थी गोली
पुलिस के अनुसार, आरोपी की फायरिंग में उसका 10 वर्षीय बेटा भी घायल हुआ था। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, दो बच्चियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी मेडिकल निगरानी की जा रही है।
कई घंटे तक चला पुलिस का ऑपरेशन
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। आरोपी के घर के अंदर होने और उसके पास हथियार होने की जानकारी के बाद पुलिस ने इलाके को घेरकर उसे बातचीत के जरिए आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने की कोशिश की।
हालात बिगड़ने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि फायरिंग की शुरुआत आरोपी की ओर से हुई और जवाबी गोलीबारी आत्मरक्षा में की गई।
हत्या की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी में पूजा-पाठ को लेकर नाराजगी को विवाद की वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी की पत्नी और दोनों पुजारियों के साथ विवाद किस बात पर बढ़ा और वारदात से पहले घर में क्या हुआ था।
घटना में इस्तेमाल हथियार, फायरिंग के क्रम, मौके से मिले साक्ष्य और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने बच्चों को बंधक बनाने के बाद उनसे किस तरह व्यवहार किया और गोलीबारी किस क्रम में हुई।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और बच्चों को सुरक्षित निकालने के पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। मुठभेड़ में आरोपी की मौत को लेकर भी तय प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।


