113 करोड़ के क्रिप्टो घोटाले का मास्टरमाइंड UAE में गिरफ्तार, वित्त मंत्रालय का अधिकारी बनकर फैलाया था जाल
फर्जी ‘मनी ट्रेड कॉइन’ के जरिए निवेशकों से 113 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी अमित लखनपाल को यूएई में गिरफ्तार किया गया है। रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई कार्रवाई के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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ठाणे में सामने आए 113 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टो घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी अमित लखनपाल को संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर निवेशकों के बीच भरोसा बनाया और ‘मनी ट्रेड कॉइन’ (MTC) नाम की फर्जी क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के लिए लोगों को तैयार किया।
अमित की गिरफ्तारी ठाणे पुलिस के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई। अब भारतीय एजेंसियां उसे यूएई से भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं।
ईडी की सूचना के बाद यूएई में दबोचा गया आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमित लखनपाल के यूएई में छिपे होने से जुड़ी अहम जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की थी। इसके बाद 1 सितंबर को यूएई प्रशासन ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
भारत सरकार की ओर से अब आरोपी को वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच से जुड़े दस्तावेज और जरूरी जानकारी तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भारत पहुंचने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
इस मामले में ठाणे पुलिस मुख्य आपराधिक जांच कर रही है। वहीं ईडी कथित तौर पर ठगी से हासिल रकम की मनी लॉन्ड्रिंग और उसके इस्तेमाल या ठिकाने लगाने के तरीकों की पड़ताल कर रही है।
पांच सितारा होटलों में कार्यक्रम, सरकारी मान्यता का दावा
जांच के मुताबिक, अमित लखनपाल ने ‘मनी ट्रेड कॉइन’ नाम से एक क्रिप्टोकरेंसी तैयार की थी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़े और महंगे पांच सितारा होटलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
इन आयोजनों के जरिए निवेशकों के बीच यह धारणा बनाने की कोशिश की गई कि MTC को जल्द ही सरकार से मान्यता मिलने वाली है। खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताने का दावा भी इसी भरोसे को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया गया।
लुभावने दावों और सरकारी पहचान से जुड़े कथित भ्रम के जरिए निवेशकों को इस योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
2017-18 में 113 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
जांच में सामने आया है कि यह कथित फर्जीवाड़ा वर्ष 2017-2018 के दौरान किया गया। इसी अवधि में निवेशकों से करीब 113 करोड़ रुपये जुटाए जाने और उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। आरोपी के देश से बाहर होने के बाद उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाई गई।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद यूएई में हुई गिरफ्तारी इसी कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
जांच में पुलिस अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में
इस मामले की जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उस समय ठाणे में तैनात एक पुलिस अधिकारी अमित लखनपाल के ऑफिस और उसके ग्राहकों को संभालने का काम करता था।
पुलिस अधिकारी की कथित भूमिका जांच का एक अहम पहलू बन सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को किसी स्तर पर मदद या संरक्षण मिला था या नहीं और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
अमित लखनपाल की भारत वापसी के बाद पूछताछ से कथित क्रिप्टो नेटवर्क, निवेशकों से जुटाई गई रकम और उससे जुड़े लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।