लाल किला ब्लास्ट की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, पहला निशाना था लाल मंदिर; जूते में छिपा था रिमोट सिस्टम
लाल किले के पास वाहन विस्फोट मामले में एनआईए की चार्जशीट से साजिश और हमले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच के मुताबिक मुख्य साजिशकर्ता उमर-उन-नबी ने लाल किले से पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर के पास कार खड़ी करने की कोशिश की थी। भारी भीड़ और पुलिस की मौजूदगी के कारण वह वहां नहीं रुका और बाद में लाल किले की ओर चला गया। चार्जशीट में उसके संदिग्ध व्यवहार, विस्फोट से पहले की गतिविधियों और बरामद सामग्री का भी उल्लेख है।

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लाल किले के पास वाहन विस्फोट से जुड़ी जांच में एनआईए की चार्जशीट ने हमले से पहले की गतिविधियों की एक अहम तस्वीर सामने रखी है। जांच के अनुसार, उमर-उन-नबी ने लाल किले को सीधे पहला निशाना नहीं बनाया था। इससे पहले उसने चांदनी चौक के लाल मंदिर के पास कार खड़ी करने की कोशिश की, लेकिन वहां भारी यातायात और पुलिस की मौजूदगी देखकर वह आगे बढ़ गया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एनआईए ने उसकी गतिविधियों की टाइमलाइन भी तैयार की है। इसके मुताबिक 10 नवंबर की शाम वह लाल मंदिर के पास नजर आया और कुछ ही देर बाद लाल किले के गेट नंबर चार के आसपास विस्फोट हुआ।
लाल मंदिर के पास क्यों रुकी थी कार?
एनआईए के आरोपपत्र के मुताबिक उमर शाम करीब 6.37 बजे लाल मंदिर के आसपास कार पार्क करने की कोशिश करता दिखाई दिया। हालांकि वहां यातायात और पुलिस की मौजूदगी के चलते हालात उसके लिए अनुकूल नहीं रहे।
इसके बाद उसने यू-टर्न लिया और करीब 13 मिनट बाद शाम 6.50 बजे लाल किले के गेट नंबर चार के पास पहुंचा। यहीं वाहन में विस्फोट हुआ। जांच एजेंसी ने इसे दिल्ली में सामने आया पहला वाहन आधारित आईईडी हमला बताया है।
जूते से जुड़ा मिला रिमोट सिस्टम
चार्जशीट में विस्फोट को अंजाम देने के तरीके से जुड़ा एक अहम सुराग भी दर्ज है। जांच एजेंसी के अनुसार आईईडी को रिमोट कमांड सिस्टम के जरिए सक्रिय किया गया था और यह सिस्टम उमर के जूते में छिपा था।
विस्फोट वाली कार के पास मिले जूते और अन्य सामग्री की फोरेंसिक जांच की गई। डीएनए जांच में कार से मिले नमूनों का मिलान उमर के माता-पिता से किया गया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
विस्फोटक को लेकर कमरे में बरतता था असामान्य सावधानी
जांच में उमर के कमरे से जुड़ी गतिविधियां भी सामने आई हैं। आरोपपत्र के अनुसार वह अपने कमरे को काफी ठंडा रखता था और वहां से दुर्गंध आने की बात गवाहों ने बताई।
एनआईए के मुताबिक उसने विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए पानी भरने वाले बैग भी खरीदे थे। गवाहों के बयानों में विस्फोटक मिश्रण को स्थिर रखने के लिए पानी के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है।
नूंह में छिपने के दौरान भी सामने आया अजीब व्यवहार
पुलिस कार्रवाई के बाद उमर नूंह में जिस घर में ठहरा था, वहां भी उसके व्यवहार को लेकर जांच में जानकारी सामने आई। मकान मालिक के परिवार की एक महिला के बयान के मुताबिक वह बाहर जाकर पेशाब करने के बजाय उसे पॉलिथीन में जमा करता था।
इस वजह से कमरे में दुर्गंध फैलने की बात भी सामने आई। जांच एजेंसी को मिले एक दस्तावेज में यूरिया आधारित विस्फोटक से संबंधित जानकारी का उल्लेख होने की बात कही गई है। हालांकि इस दस्तावेज और उमर की गतिविधियों के बीच संबंध को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही तय होगा।
ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत, 29 घायल
एनआईए के आरोपपत्र के मुताबिक वाहन विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हुए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौतों के लिए हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट वेव इफेक्ट को कारण बताया गया है।
जांच में आसपास की संपत्तियों और संरचनाओं को करीब 17.7 लाख रुपये के नुकसान का आकलन भी सामने आया है।
आतंकी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री मिलने का दावा
एनआईए ने उमर और उसके साथियों से आतंकी गतिविधियों से संबंधित सामग्री मिलने का भी आरोपपत्र में उल्लेख किया है। इसमें ‘लोन मुजाहिद’ नाम की एक पुस्तिका शामिल बताई गई है, जिसे अलकायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला से जुड़ी इंस्पायर पत्रिका से प्रकाशित बताया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक इस सामग्री में विस्फोटक, हथियार, वाहनों, आगजनी और आईईडी से जुड़े परिचालन विषयों की जानकारी थी।
ब्लास्ट से कुछ दिन पहले खरीदे थे कपड़े
चार्जशीट के अनुसार 7 नवंबर को उमर ने नूंह की एक दुकान से नकद भुगतान कर कुछ कपड़े खरीदे थे। इनमें नई टी-शर्ट, शराबी रंग की शर्ट और हरे रंग की कार्गो पैंट शामिल बताई गई हैं।
एनआईए ने इन गतिविधियों को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। अब एजेंसी चार्जशीट में सामने आए सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य सामग्री के आधार पर पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है।
