नेहा झा को 25 दिन बाद बेल! AC कोच में 75 लीटर शराब मिलने के बाद हुई थी गिरफ्तारी
समस्तीपुर के चर्चित ट्रेन शराब बरामदगी मामले में नेहा झा को करीब 25 दिन बाद अदालत से जमानत मिल गई है। मामला 3 सितंबर का है, जब स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट कोच में शराब की खेप मिलने के बाद कार्रवाई की गई थी। अब नेहा को राहत मिलने के बावजूद जांच एजेंसियों की पड़ताल आगे जारी है।

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समस्तीपुर के चर्चित ट्रेन शराब बरामदगी मामले में नेहा झा को करीब 25 दिन बाद अदालत से जमानत मिल गई है। मामला 3 सितंबर का है, जब स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट कोच में शराब की खेप मिलने के बाद कार्रवाई की गई थी। अब नेहा को राहत मिलने के बावजूद जांच एजेंसियों की पड़ताल आगे जारी है।
सोमवार को मिली अदालत से राहत
नेहा की नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इससे पहले अलग-अलग कारणों से मामले की सुनवाई आगे बढ़ती रही थी। अदालत ने सुनवाई के बाद नेहा को जमानत देने का आदेश दिया।
18 सितंबर को केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद 24 सितंबर को वकीलों की हड़ताल के चलते मामला आगे बढ़ गया था। अगली सुनवाई में अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाया।
ट्रेन के H-1 कोच में क्या मिला था?
3 सितंबर को समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की जांच के दौरान AC फर्स्ट के H-1 कोच के कूपे से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।
RPF, GRP और CIB की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की थी। इसी मामले में नेहा झा और ईशान कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने बरामद शराब को केस की जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया।
अब जांच का सवाल- शराब आई कहां से?
नेहा को जमानत मिलने के बाद भी जांच का सबसे बड़ा हिस्सा बाकी है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से निकली, इसे किसने उपलब्ध कराया और ट्रेन तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।
जांच टीम जब्त मोबाइल की तकनीकी जांच भी कर रही है। मोबाइल से मिले संपर्क और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के जरिए संभावित कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
शादी समारोह वाले दावे की भी पड़ताल
जांच के दौरान शराब को शादी समारोह में ले जाने से जुड़े दावे की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस दावे की वास्तविकता की जांच कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों से उसका मिलान कर रही है।
यानी अदालत से नेहा को जमानत मिल चुकी है, लेकिन शराब की खेप और उसके स्रोत से जुड़े सवाल अभी जांच के दायरे में हैं।
नेटवर्क की तलाश में SIT
मुजफ्फरपुर रेल एसपी के निर्देश पर गठित SIT का फोकस अब केवल बरामद शराब तक सीमित नहीं है। टीम सप्लाई चैन की पूरी कड़ी तलाश रही है।
जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में पुलिस की तकनीकी और दस्तावेजी जांच जारी है।

