रिटायरमेंट पर जस्टिस अवनींद्र सिंह की अनोखी पहल, देहदान का संकल्प और GPF के 1.01 करोड़ PM CARES को देने का ऐलान
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने विदाई समारोह में देहदान का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मेडिकल कॉलेज में इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराने की जानकारी दी और GPF की 1.01 करोड़ रुपये की राशि PM CARES Fund में देने की घोषणा की।

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जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक विदाई समारोह का समापन ऐसे संकल्प के साथ हुआ, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। सेवानिवृत्त जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपनी पत्नी के साथ देहदान का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने सेवा से मिलने वाली GPF की करीब 1.01 करोड़ रुपये की राशि PM CARES Fund में देने की घोषणा की।
जस्टिस सिंह के मुताबिक, उन्होंने और उनकी पत्नी ने मेडिकल कॉलेज जाकर देहदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। मृत्यु के बाद उनके शरीर का इस्तेमाल मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और रिसर्च के लिए किया जाएगा।
36 साल की न्यायिक सेवा के बाद विदाई
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। करीब 36 वर्षों के न्यायिक सफर के बाद उन्हें 1 मई 2023 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने 8,788 मामलों का निराकरण किया। सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में स्टेट बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने उनके कार्यकाल और योगदान का उल्लेख किया।
मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में आएगा शरीर
विदाई समारोह में जस्टिस सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ देहदान का फैसला लिया है। इसके लिए दोनों ने मेडिकल कॉलेज में पंजीयन कराया है।
इस संकल्प के पीछे उद्देश्य मृत्यु के बाद भी मेडिकल शिक्षा और शोध में योगदान देना है। देहदान के जरिए मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना और चिकित्सा अध्ययन के लिए प्रत्यक्ष शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध होती है।
GPF की 1.01 करोड़ की राशि देने का ऐलान
जस्टिस सिंह ने अपनी सेवा से मिलने वाली GPF की करीब 1 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि राष्ट्र निर्माण के लिए PM CARES Fund में देने की घोषणा भी की।
यह राशि वास्तव में कब और किस प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित होगी, यह संबंधित औपचारिकताओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल समारोह में इसकी घोषणा की गई है।
सहकर्मियों और अधिवक्ताओं का जताया आभार
विदाई के मौके पर जस्टिस सिंह ने अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों, न्यायिक कर्मचारियों और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे को भी न्यायपालिका के उच्च शिखर तक पहुंचने के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में मौजूद बार प्रतिनिधियों ने भी जस्टिस सिंह के न्यायिक कार्य और उनके व्यक्तित्व की सराहना की।
रिटायरमेंट के बाद भी योगदान की सोच
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का विदाई समारोह केवल न्यायिक सेवा के समापन का अवसर नहीं रहा। देहदान का संकल्प और GPF की राशि PM CARES Fund को देने की घोषणा ने इसे सामाजिक योगदान से भी जोड़ दिया।
एक ओर 36 वर्षों की न्यायिक सेवा का अध्याय पूरा हुआ, वहीं दूसरी ओर जस्टिस सिंह ने मृत्यु के बाद भी मेडिकल शिक्षा में योगदान देने और अपनी बचत की बड़ी राशि राष्ट्रहित में देने की इच्छा सार्वजनिक की।

