
बाबू की नौकरी, करोड़ों की दौलत! घर से आधा किलो सोना, सवा किलो चांदी; लोकायुक्त की जांच में ₹8 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति
जबलपुर में लोकायुक्त की कार्रवाई में सुभाष शर्मा के ठिकानों से संपत्ति और निवेश से जुड़े नए आंकड़े सामने आए हैं। अब तक जांच का दायरा ₹8 करोड़ से अधिक की संपत्ति तक पहुंचने की जानकारी है। घर से करीब आधा किलो सोना, सवा किलो चांदी और महंगे सामान मिलने की बात सामने आई है। पत्नी शीला शर्मा के नाम दर्ज जमीन-मकानों के दस्तावेज भी जांच के घेरे में हैं। लोकायुक्त अब बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटा रहा है।

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जबलपुर। सुबह-सुबह दरवाजे पर पहुंची लोकायुक्त की टीम ने जब एक-एक दस्तावेज खंगालना शुरू किया, तो जांच घर और फार्म हाउस से निकलकर सोना-चांदी, जमीन-मकान और बैंक खातों तक पहुंच गई। सुभाष शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच में अब तक ₹8 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आने की जानकारी है।
कार्रवाई के दौरान घर से करीब आधा किलो सोना और सवा किलो चांदी मिलने की बात कही गई है। ज्वेलरी का मूल्य करीब एक करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इसके अलावा घर में मिले महंगे और लग्जरी सामान का भी आकलन किया जा रहा है।
अभी हिसाब पूरा नहीं हुआ है। बैंक खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल मांगी गई है और संपत्तियों से जुड़े कागजात अलग से जांचे जा रहे हैं। इसलिए कार्रवाई पूरी होने के बाद आंकड़ा बदल भी सकता है।
दो दिन पहले शुरू हुई थी कार्रवाई, अब खुल रही संपत्तियों की परतें
लोकायुक्त पुलिस ने दो दिन पहले तड़के सुभाष शर्मा से जुड़े ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी।
जबलपुर के त्रिमूर्ति नगर स्थित मकान के साथ फार्म हाउस और अन्य संबंधित ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया। शुरुआती कार्रवाई का फोकस आय के ज्ञात स्रोत और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाना था।
इसके बाद मिले दस्तावेजों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया।
घर में क्या-क्या मिलने की जानकारी?
अब तक सामने आई जानकारी को देखें तो मामला केवल जमीन-जायदाद तक सीमित नहीं है।
जांच में सामने आई वस्तु/संपत्ति | उपलब्ध जानकारी |
|---|---|
सोना | करीब 500 ग्राम |
चांदी | करीब 1.25 किलो |
ज्वेलरी | अनुमानित मूल्य करीब ₹1 करोड़ |
कुल संपत्ति | अब तक ₹8 करोड़ से अधिक बताई गई |
अन्य सामग्री | महंगे/लग्जरी घरेलू सामान |
बैंक खाते | ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की जांच जारी |
ये आंकड़े कार्रवाई के दौरान सामने आई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। अंतिम मूल्यांकन लोकायुक्त की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पत्नी के नाम की संपत्तियां भी जांच के घेरे में
जांच में सुभाष शर्मा की पत्नी शीला शर्मा के नाम दर्ज जमीन और मकानों की जानकारी भी सामने आई है।
लोकायुक्त अब यह देख रहा है कि इन संपत्तियों की खरीद कब हुई, भुगतान किस स्रोत से किया गया और संबंधित अवधि में परिवार की वैध आय कितनी थी।
यही तुलना आय से अधिक संपत्ति के मामले में अहम होती है।
जमीन से फार्म हाउस तक, दस्तावेजों का मिलान
पिछली जांच में जबलपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में कृषि भूमि, प्लॉट, मकान और फार्म हाउस से संबंधित संपत्तियों की जानकारी सामने आई थी।
अब केवल बाजार मूल्य जोड़ना पर्याप्त नहीं होगा। जांच टीम खरीद से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री, भुगतान और घोषित आय का मिलान करेगी।
इसी प्रक्रिया से यह तय होगा कि वास्तव में कितनी संपत्ति वैध आय से अधिक पाई जाती है।
अब बैंक बताएंगे पैसा कहां से आया और कहां गया
कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा बैंकिंग ट्रेल है।
संबंधित बैंकों से खातों और ट्रांजैक्शन की जानकारी मांगी जा रही है। इससे जांच एजेंसी को बड़ी रकम के लेन-देन, निवेश और संपत्ति खरीद के भुगतान स्रोत समझने में मदद मिल सकती है।
यदि किसी अन्य खाते, निवेश या अघोषित संपत्ति से संबंध मिलता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
543% का आंकड़ा पहले ही बढ़ा चुका था मामला
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में सुभाष शर्मा की ज्ञात आय के मुकाबले व्यय को 543.19 प्रतिशत अनुपातहीन पाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
अब छापे में मिले दस्तावेज, आभूषण और संपत्तियों का मूल्यांकन उसी जांच का अगला चरण है।
₹8 करोड़ अंतिम आंकड़ा नहीं
फिलहाल सामने आया ₹8 करोड़ से अधिक का आंकड़ा अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
बैंक रिकॉर्ड आने बाकी हैं। संपत्तियों का मूल्यांकन चल रहा है और दस्तावेजों की जांच भी पूरी नहीं हुई है।
यानी लोकायुक्त के सामने अब असली सवाल केवल “कितनी संपत्ति मिली?” का नहीं है, बल्कि “इस संपत्ति को खरीदने के लिए पैसा आया कहां से?” का भी है।
जांच पूरी होने के बाद ही आय, खर्च और संपत्ति के बीच वास्तविक अंतर की तस्वीर साफ होगी।



