उधारी और ब्याज का दबाव बना जानलेवा? दवा कारोबारी की मौत के 2 महीने बाद 5 पर FIR, तीन गिरफ्तार
इंदौर के लसूड़िया इलाके में दवा व्यापारी महेंद्र सोनी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने एक दंपति समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, उधार रकम और ब्याज की वसूली को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था; तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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इंदौर के लसूड़िया इलाके में दवा कारोबारी की आत्महत्या के करीब दो महीने बाद पुलिस जांच में नया मोड़ आया है। 45 वर्षीय महेंद्र सोनी की मौत के मामले में पुलिस ने एक दंपति समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि महेंद्र ने दवा कारोबार शुरू करने के लिए पांच लोगों से रकम उधार ली थी। कारोबार में नुकसान के बाद भुगतान में देरी होने लगी और इसी दौरान रकम तथा ब्याज की वसूली को लेकर दबाव बढ़ने की बात सामने आई।
कारोबार चला तो नियमित होती रही ऑनलाइन पेमेंट
पुलिस के अनुसार, ओमेक्स सिटी निवासी महेंद्र सोनी मूल रूप से भानपुर, भोपाल के रहने वाले थे। उन्होंने दवा का व्यापार शुरू करने के लिए गोल्डी खुराना, उसकी पत्नी पूजा खुराना, मोहित सोनी, भूपेंद्र चौहान और राहुल चौहान से पैसे लिए थे।
शुरुआती दौर में कारोबार से मुनाफा होने पर महेंद्र संबंधित लोगों के खातों में ऑनलाइन भुगतान करते थे। पुलिस के मुताबिक, करीब एक साल से व्यापार में नुकसान होने के कारण भुगतान तय समय पर नहीं हो पा रहा था।
यहीं से उधारी की रकम लौटाने को लेकर विवाद बढ़ने लगा।
फोन और मैसेज के बाद घर तक पहुंचा दबाव
जांच के मुताबिक, भुगतान में देरी के बाद महेंद्र को फोन और मैसेज के जरिए रकम लौटाने के लिए कहा जाने लगा। पुलिस का आरोप है कि कुछ आरोपी उनके घर भी पहुंचे और धमकी देकर पैसे चुकाने का दबाव बनाया।
दवा बाजार में भी महेंद्र को लेकर गलत बातें किए जाने का आरोप सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं से उनकी कारोबारी साख प्रभावित होने और व्यापार में परेशानी बढ़ने की जानकारी जांच के दौरान मिली।
महेंद्र की पत्नी तृप्ति पर भी ब्याज समेत रकम तय समय में लौटाने का दबाव बनाए जाने की बात पुलिस ने कही है।
2 जुलाई को घर में खाया था जहर
पुलिस के अनुसार, लगातार बढ़ते दबाव के बीच महेंद्र ने घर से बाहर आना-जाना कम कर दिया था। 2 जुलाई की दोपहर उन्होंने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। पुलिस के मुताबिक, नोट में पांचों आरोपियों के नाम लिखे मिले थे।
बैंक रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग खंगाली
महेंद्र की मौत के बाद लसूड़िया पुलिस ने मामले से जुड़े वित्तीय और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। इसमें बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग को शामिल किया गया।
पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों की जांच में रकम के लेन-देन और कथित दबाव से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। इसके बाद पांचों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।
तीन गिरफ्तार, दो की तलाश
एसीपी पराग सैनी के मुताबिक, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अब दर्ज मामले में सामने आए साक्ष्यों, आरोपियों की भूमिका और महेंद्र पर बनाए गए कथित दबाव की परिस्थितियों की आगे जांच कर रही है।
