अशोकनगर पुलिस की महिला SI ने कैमरे पर क्यों लगाई गुहार? रीढ़ की चोट के बाद ड्यूटी और 5 महीने के वेतन का सवाल
अशोकनगर में महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा रघुवंशी का भावुक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि हादसे में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद वह लगातार इलाज करा रही हैं, लेकिन उन्हें फील्ड ड्यूटी से राहत और करीब पांच महीने से रुके वेतन को लेकर अब तक समाधान नहीं मिला। मामले में विभाग की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।

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पुलिस की वर्दी पहनकर ड्यूटी करने वाली एक महिला अधिकारी जब अपनी ही परेशानी के समाधान के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर गुहार लगाए, तो सवाल सिर्फ उनकी व्यक्तिगत तकलीफ का नहीं रह जाता। अशोकनगर में महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा रघुवंशी का वायरल वीडियो इसी वजह से चर्चा में है।
वीडियो में वह अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से मदद मांग रही हैं। उनकी शिकायत दो हिस्सों में है—एक, मेडिकल स्थिति के बावजूद ड्यूटी को लेकर राहत नहीं मिलना और दूसरा, करीब पांच महीने से वेतन अटका होना।
मामला सोशल मीडिया तक क्यों पहुंचा?
पूजा रघुवंशी के मुताबिक, उन्होंने अपनी परेशानी अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश पहले विभागीय स्तर पर की। उनका दावा है कि अशोकनगर पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस मुख्यालय तक उन्होंने अपनी स्थिति बताई।
लेकिन जब उनकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो मामला वीडियो के जरिए सार्वजनिक हो गया। अब यह वीडियो पुलिस विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक हादसे ने बना दी फील्ड ड्यूटी मुश्किल
पूजा रघुवंशी ने बताया है कि कार दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा।
उनका कहना है कि चोट से जुड़ा दर्द अब भी बना हुआ है और पिछले कई महीनों से इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति में उनका सवाल यह है कि जब डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक आराम और उपचार जरूरी है, तो क्या उन्हें कुछ समय के लिए ऐसी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती जिसे वह अपनी मौजूदा स्थिति में निभा सकें?
मांग सिर्फ इतनी- ऑफिस का काम दे दीजिए
वायरल वीडियो में महिला SI की बातों का सबसे अहम हिस्सा यही है कि वह ड्यूटी से पूरी तरह अलग होने की मांग नहीं कर रही हैं।
उनका कहना है कि वह काम करना चाहती हैं, लेकिन फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह सामान्य फील्ड ड्यूटी आसानी से कर सकें। इसलिए वह ऑफिस ड्यूटी देने की मांग कर रही हैं।
यहीं से मामला विभागीय संवेदनशीलता का सवाल भी बनता है—क्या मेडिकल आधार पर किसी पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी में अस्थायी बदलाव की गुंजाइश है और अगर है तो उसकी प्रक्रिया क्या है?
वेतन अटकने से बढ़ी परेशानी
स्वास्थ्य संबंधी समस्या के साथ पूजा रघुवंशी ने आर्थिक परेशानी का भी मुद्दा उठाया है। उनका दावा है कि करीब पांच महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
हालांकि, वेतन क्यों रोका गया है, इसकी वजह उनके वीडियो से स्पष्ट नहीं होती। विभागीय रिकॉर्ड में इस संबंध में क्या स्थिति है और मेडिकल लीव के दौरान वेतन को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई, यह पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद ही साफ होगा।
अब सवाल विभागीय जवाब का है
इस मामले में फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी महिला SI के बयान और वायरल वीडियो तक सीमित है। पुलिस विभाग की ओर से अभी यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि उनकी मेडिकल स्थिति को लेकर क्या कार्रवाई हुई, वेतन रोकने का कारण क्या है और ऑफिस ड्यूटी की मांग पर अधिकारियों ने क्या निर्णय लिया।
इसलिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि वीडियो क्यों वायरल हुआ, बल्कि यह है कि जिस शिकायत को एक पुलिस अधिकारी विभाग के भीतर लेकर पहुंची थीं, उसका समाधान आखिर अब तक क्यों नहीं हुआ।
क्या वीडियो के बाद मिलेगा समाधान?
पूजा रघुवंशी की शिकायत अब सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक हो चुकी है। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने तीन सीधे मुद्दे हैं—उनकी मेडिकल स्थिति का आकलन, ड्यूटी को लेकर उचित व्यवस्था और वेतन से जुड़ी शिकायत।
अब देखना होगा कि अशोकनगर पुलिस और पुलिस मुख्यालय इस मामले में क्या जवाब देते हैं और क्या महिला SI की शिकायत का समाधान विभागीय स्तर पर हो पाता है।
